‘देश में अमीरी और गरीबी की खाई को बढ़ा रही सरकार’, कांग्रेस ने केंद्र पर आरोप लगाकर किया दावा
नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) ने रविवार को सरकार (Goverment) पर आरोप लगाया कि केंद्र अमीरी और गरीबी (Wealth and Poverty) की खाई को बढ़ा रहा है। पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ अर्थव्यवस्था (Economy) के लिए समस्या नहीं है, बल्कि लोकतंत्र (Democracy) की आत्मा पर सीधा हमला है।
कांग्रेस महासचिव व संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत अब अरबपतियों का नया केंद्र बनता जा रहा है और देश में अमीर लोगों की संख्या साल दर साल तेजी से बढ़ रही है। रमेश ने एक्स पर हिंदी में लिखे एक पोस्ट में कहा, “एक के बाद एक रिपोर्ट भारत में धन के एक खास वर्ग के बारे में सीमित होने की चेतावनी दी जा रही है। जहां लाखों भारतीय अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सिर्फ 1,687 लोगों के पास देश की आधी संपत्ति है।”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश का पैसा कुछ खास लोगों के बीच केंद्रित हो गया है। इसके कारण हमारे देश में भारी आर्थिक असमानता पैदा हुई है। यह असमानता व्यापक सामाजिक असुरक्षा और असंतोष को जन्म दे रही है।” उन्होंने कहा कि अन्य देशों में हाल की घटनाओं से पता चला है कि यही चरम आर्थिक असमानता और अपंग लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक अराजकता की उत्प्रेरक बनी हैं।
रमेश ने कहा कि यह सरकार भारत को उसी रास्ते पर धकेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “सत्ता के गठजोड़ के कारण कुछ उद्योगपति और अधिक अमीर होते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री की नीतियां पूरी तरह से उनके कुछ उद्योगपति मित्रों के लाभ पर केंद्रित हैं।” रमेश ने दावा किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ एमएसएमई क्षेत्र अभूतपूर्व दबाव में है। यह दबाव न केवल घरेलू नीतियों का बल्कि विदेश नीति के मोर्चे पर सरकार की विफलताओं का भी परिणाम है।
रमेश ने कहा, “आम लोगों के लिए कमाई के अवसर कम होते जा रहे हैं। मुद्रास्फीति इतनी बढ़ गई है कि नौकरीपेशा लोग भी बचत के बजाय कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश लगातार घट रहा है और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर होती जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी सफल योजनाएं, जिसने लाखों लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की, अब मजदूरी संकट से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को समय पर भुगतान भी नहीं मिल पा रहा।
रमेश ने कहा, “देश में आर्थिक खाई का चौड़ा होगा न केवल अर्थव्यवस्था के लिए समस्या है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा हमला है। जब आर्थिक शक्ति मुट्ठी भर लोगों के हाथों में केंद्रित हो जाती है, तो राजनीतिक फैसले भी उनके पक्ष में होने लगते हैं।” उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता बढ़ रही है।
रमेश ने कहा कि इसका परिणाम यह हो रहा है कि लाखों लोग धीरे-धीरे लोकतंत्र और विकास की प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में शामिल लोगों की कुल संपत्ति 167 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद के लगभग आधे के बराबर है। सूची में 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले 1,687 व्यक्ति शामिल हैं। इसमें 284 लोग बढ़े हैं और 148 पहली बार शामिल हुए हैं। हुरुन ने कहा कि भारत में पिछले दो वर्षों से हर हफ्ते एक अरबपति बना है। इस सूची में शामिल लोग हर दिन 1,991 करोड़ रुपये की संपत्ति जोड़ रहे हैं।

सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक
तकनीक, समन्वय और प्रशिक्षित पुलिस बल के दम पर होगा सुरक्षित एवं व्यवस्थित सिंहस्थ-2028 - डीजीपी कैलाश मकवाणा
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होमेश्वर प्रसाद जायसवाल को मिली राहत, शून्य हुआ बिजली बिल
बिलासपुर संभागायुक्त ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण
युवाओं के लिए मध्यप्रदेश के 4 महानगरों में प्रारंभ होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सृष्टि को घर के बिजली बिल में मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: सीसी रोड बनने से ग्रामीणों को मिली राहत
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बयानबाजी के बाद बढ़ी परेशानी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज हुआ नया मामला