इंडिगो की सौगात! जबलपुर को मिली दिल्ली के लिए एक और डायरेक्ट फ्लाइट
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर से देश की राजधानी दिल्ली जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है. जबलपुर से दिल्ली के लिए इंडिगो की एक और फ्लाइट शुरू होने जा रही है. जानकारी के अनुसार जबलपुर से दिल्ली के लिए यह फ्लाइट 26 अक्टूबर से उड़ान भरेगी.
दिल्ली जाने के लिए रोजाना दो फ्लाइट
दरअसल, कंपनी के सर्वे के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने पर यह फैसला लिया गया है. जिसके बाद अब दिल्ली आने-जाने वालों के लिए रोजाना दो फ्लाइट्स उपलब्ध होंगी. नई फ्लाइट शुरू होने से यात्रियों को समय और सुविधा दोनों का फायदा मिलेगा. साथ ही जबलपुर- दिल्ली रूट पर हवाई यात्रा और आसान हो जाएगी.
जबलपुर में फ्लाइट के घटने पर कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
अभी कुछ समय पहले ही जबलपुर हाईकोर्ट ने जिलें में एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या लगातार घटने पर नाराजगी जताई थी. हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और विनय सराफ की एकल बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा था कि कोर्ट 19 पेशियों से निर्देश दे रहा है कि उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए लेकिन एयरलाइंस संख्या बढ़ाने की बजाय घट रही है. बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि ‘हम सरकार को कह देते हैं कि पूरे प्रदेश के एयरपोर्ट्स बंद कर दे, ताकि इन बेशकीमती जमीनों का कोई और व्यावसायिक उपयोग हो सके.’ इस मामले में इंडिगो एयरलांइस ने दवा किया था कि जबलपुर एयरपोर्ट व्यावसायिक रूप से उपयुक्त नहीं है. हाई कोर्ट ने इस पर कहा था कि कंपनी इसके संबंध में सीलबंद लिफाफे में कमर्शियल डेटा कोर्ट में पेश करें ताकि देखा जाए की आखिर इस सेक्टर में घाटा क्यों है. कोर्ट ने कहा कि जबलपुर से जो भी फ्लाइट्स चलती है उन सभी में आखिर मौके तक सीट खाली नहीं रहती है, ऐसे में शहर को व्यावसायिक रूप से उपयुक्त नहीं मानना ठीक नहीं है. कोर्ट ने ये भी कहा कि एयरलाइंस दोपहर की बजाय सुबह और शाम में फ्लाइट्स सेवा शुरू करे जिससे यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी.

IPL Moment: गिल के आउट होते ही सुयश का खास अंदाज वायरल
रायपुर में ट्रैफिक का कड़ा पहरा, नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं
धार्मिक पहचान पर विवाद, BJP ने कांग्रेस सरकार को घेरा
UP में जयंती पर कार्यक्रम, बहुगुणा को दी गई श्रद्धांजलि
श्रीसंत का बड़ा फैसला: हरभजन से दूरी, इंस्टाग्राम पर ब्लॉक
मिडिल ईस्ट में हलचल: खामेनेई के बेटे को लेकर फैली खबरों का सच