बॉडीबिल्डिंग की दीवानी जैकी के बाइसेप्स का साइज सुपरस्टार्स से भी बडा
एम्सटर्डम । फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग की दीवानी नीदरलैंड्स की रहने वाली जैकी कॉर्न के बाइसेप्स का साइज हॉलीवुड सुपरस्टार और मशहूर बॉडीबिल्डर अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर से भी बड़ा है। जैकी कॉर्न आज पूरी दुनिया में अपनी हैरान कर देने वाली बॉडी और विशाल बाइसेप्स के कारण चर्चा में हैं। लोग उन्हें मज़ाक में ‘शी-हल्क’ कहकर बुलाते हैं, लेकिन जैकी इस उपनाम को गर्व का प्रतीक मानती हैं।
शागेन शहर की इस डच बॉडीबिल्डर ने अपने जीवन को पूरी तरह फिटनेस और ट्रेनिंग के लिए समर्पित कर दिया है। जैकी का सपना है कि एक दिन वेवर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट के रिंग में उतरें और अपनी ताकत का प्रदर्शन करें। अपने मसल्स को बनाए रखने के लिए वे रोज़ाना दो से तीन घंटे तक जिम में पसीना बहाती हैं और डाइट पर हर महीने करीब 45 हजार रुपये खर्च करती हैं। हाल ही में जैकी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 25 इंच के “कर्वी गर्ल मसल्स” की तस्वीरें साझा कीं, जो देखते ही वायरल हो गईं। इन तस्वीरों के बाद उन्हें कई रेसलिंग और फिटनेस इवेंट्स से ऑफर मिलने लगे।
एक शो में बातचीत के दौरान जैकी ने बताया कि जब अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर के बाइसेप्स का साइज अपने चरम पर 56 सेंटीमीटर था, तब उनके बाइसेप्स 64 सेंटीमीटर यानी लगभग 25 इंच के हैं। उनके रेसलिंग कोच अमर के मुताबिक, “जैकी नीदरलैंड्स की सबसे बड़ी बाजुओं वाली महिला हैं, और संभव है कि वह दुनिया में भी सबसे आगे हों।” जैकी कहती हैं कि उनका मकसद सिर्फ मसल्स बनाना नहीं बल्कि दूसरों को यह दिखाना है कि महिलाएं भी अपनी मेहनत और अनुशासन से हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर खड़ी हो सकती हैं। वे मानती हैं कि ताकत सिर्फ शरीर की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की भी होती है। आज जैकी कॉर्न फिटनेस वर्ल्ड की प्रेरणा बन चुकी हैं।

AAP में सियासी भूचाल—राघव चड्ढा बोले- दो तिहाई सांसद बदलेंगे पाला, BJP में होंगे शामिल
भोपाल-इटारसी-जबलपुर समेत कई शहरों को तोहफा, पीएम मोदी देंगे 2 अमृत भारत ट्रेन
हाई-प्रोफाइल स्टार्स नहीं निभा पाए उम्मीदों का दबाव
तपती गर्मी से राहत: स्कूलों में पहले ही कर दी गई समर वेकेशन की घोषणा
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई की तैयारी
दमदम में पीएम मोदी का वार—“तृणमूल राज में बंगाल की पहचान खतरे में”
गहलोत का बड़ा बयान: ‘राजस्थान में उल्टी गंगा बह रही है’
पोषण पखवाड़ा के तहत रेल मंडल में चला जनजागरूकता अभियान
कर्मचारी ने ट्रांसफर के खिलाफ कोर्ट में दायर की थी याचिका