गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर की रहस्यमयी मौत, 13 दिन पहले छात्र की गई थी जान
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी यानी गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यूनिवर्सिटी कैंपस में 13 दिनों में दूसरी मौत हो गई है. छात्र अर्सलान अंसारी की मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब बॉटनी के प्रोफेसर नरेंद्र कुमार मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है.
प्रोफेसर नरेंद्र कुमार मिश्रा की मौत
GGU में बॉटनी के प्रोफेसर नरेंद्र कुमार मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया है. प्रोफेसर नरेंद्र कुमार मिश्रा को उल्टी-दस्त की शिकायत होने के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस से सुबह 4 बजे सिम्स अस्पताल ले जाया गया था. यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
प्रोफेसर नरेंद्र कुमार मिश्रा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले थे. 2 साल पहले उनकी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर नियुक्ति हुई थी. जानकारी के मुताबिक वह अपने घर में अकेले रहते थे. प्रोफेसर नरेंद्र कुमार की मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स की मार्च्यूरी में रखा गया है. बता दें कि प्रोफेसर के परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है. परिजनों के पहुंचने के बाद ही पोस्टमार्टम होगा.
छात्र अर्सलान अंसारी की मौत
हाल ही में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के फिजिक्स विभाग में B.SC की पढ़ाई कर रहा छात्र अर्सलान अंसारी की मौत का मामला सामने आया है. 21 अक्टूबर को वह विवेकानंद हॉस्टल से वीडियो कॉल पर बात करते हुए निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा. 23 अक्टूबर को उसकी लाश हॉस्टल के पीछे तालाब में संदिग्ध हालत में मिली थी.
कुलपति की कार्य प्रणाली पर उठ रहे सवाल
बिहार के रहने वाले छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध अवस्था में मौत के बाद अब प्रोफेसर की मौत ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सेंट्रल यूनिवर्सिटी प्रशासन क्यों प्रोफेसर और छात्रों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहा है. वहीं, कुलपति आलोक चक्रवाल की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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