FASTag के नाम पर बड़ा ऑनलाइन स्कैम, NHAI ने किया अलर्ट
दिल्ली। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का फास्टैग वार्षिक पास (FASTag Annual Pass) खरीदते वक्त बेहद सावधान रहें। कुछ लोग फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली फास्टैग वार्षिक पास बेचने की कोशिश कर रहे हैं। जरा सी चूक होते ही आप ठगी का शिकार हो सकते हैंएनएचएआई की ओर से इसके बारे में अलर्ट जारी कर सूचित किया है। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि वह केवल अपने राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से ही वार्षिक पास की बिक्री करता है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।एनएचएआई ने चेतावनी जारी कर बताया है कि कुछ फर्जी वेबसाइट और प्लैटफॉर्म यह वार्षिक पास बनाने का दावा कर रहे हैं। वह अधिकृत नहीं हैं। इस पास को कोई बाहरी एजेंसी नहीं बेच सकती एनएचएआई ने कहा है कि फर्जी वेबसाइटें लोगों से पैसे लेकर ठगी कर सकती हैं। वार्षिक पास के कुछ प्लैटफॉर्म लिंक भेज रहे हैं, जो निजी जानकारियां मांग रहे हैं। इनको जानकारी न दें, उनका गलत इस्तेमाल हो सकता है।
फास्टैग एनुअल पास के क्या फायदे?
एनएचएआई की तरफ से फास्टैग एनुअल पास के द्वारा प्राइवेट कार, जीप और वैन के लिए 3,000 रुपये का सालाना हाईवे टोल पास की व्यवस्था की गई है। इससे यूजर्स एक साल में 3,000 रुपये के एक बार रिचार्ज पर 200 नेशनल हाईवे टोल बूथ को पार कर सकते हैं। एक साल में 200 ट्रिप की लिमिट पूरी होने पर एनुअल पास को फिर से रिचार्ज किया जा सकता है।फास्टैग वार्षिक पास को एक्टिव करने के लिए अलग से एक लिंक राजमार्ग यात्रा ऐप पर उपलब्ध है। यह लिंक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
नॉन कॉमर्शियल प्राइवेट गाड़ियों पर ही मान्य
यह एनुअल पास केवल नॉन कॉमर्शियल प्राइवेट गाड़ियों जैसे कार, जीप और वैन के लिए लागू होता है। इससे टोल भुगतान के लिए फास्टैग कार्ड को बार-बार रिचार्ज किए बिना नेशनल हाईवे पर निर्बाध यात्रा की सुविधा मिलती है। जिन लोगों के वाहनों पर पहले से ही फास्टैग लगा है, उन्हें नया फास्टैग खरीदने की आवश्यकता नहीं है।एनुअल पास केवल नेशनल हाईवे और नेशनल एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर ही मान्य है।फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है। यह वाहन से जुड़े प्रीपेड खाते से टोल शुल्क स्वचालित रूप से काटने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीक का उपयोग करती है।

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