ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने जारी किया नक्शा, तिलमिलाया पाकिस्तान
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के ऐलान के साथ एक और बात ने सबका ध्यान खींचा है। ट्रंप प्रशासन की ओर से जारी भारत के नक्शे ने पाकिस्तान को असहज कर दिया है और कूटनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। ट्रेड डील की जानकारी जारी करते समय अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस ने भारत का जो आधिकारिक नक्शा साझा किया, उसमें पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। यह ऐसा कदम है, जिसे अमेरिका के पुराने रुख से अलग माना जा रहा है।
हालांकि भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को किसी बाहरी मंजूरी की जरूरत कभी नहीं रही है। भारत हमेशा से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है। इसके बावजूद अमेरिका की ओर से इस तरह का नक्शा जारी किया जाना पाकिस्तान के लिए एक मजबूत राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है। इस नक्शे की सबसे अहम बात यह है कि इसमें अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया है। यह वही इलाका है, जिस पर चीन लंबे समय से दावा करता रहा है और जिसे लेकर भारत और चीन के बीच तनाव भी रहा है। भारत का विदेश मंत्रालय पहले कई बार अमेरिका और अन्य वैश्विक एजेंसियों द्वारा जारी नक्शों में जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश की गलत प्रस्तुति पर आपत्ति जता चुका है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम भारत की इन्हीं पुरानी आपत्तियों को स्वीकार करने जैसा माना जा रहा है।
चीन करता रहा है अक्साई चिन पर दावा
गौरतलब है कि चीन दशकों से अक्साई चिन को अपना बताता रहा है कि जबकि भारत इस दावे को चीन का अवैध कब्जा बताकर उसकी आलोचना करता रहा है। ऐसे में अमेरिका का भारत को लेकर नया मैप जारी करना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका ने पहली बार इतने साफ तरीके से भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को दर्शाया है, और यह ऐसा वक्त है जब ट्रेड डील के बाद भारत और अमेरिका के रिश्ते पटरी पर लौट रहे थे।
क्यों अहम है यह नक्शा
अब तक अमेरिकी विदेश विभाग या अन्य आधिकारिक एजेंसियों द्वारा जारी नक्शों में पीओके को लेकर स्पष्ट सीमांकन दिखाया जाता रहा था, ताकि पाकिस्तान की आपत्तियों को संतुलित किया जा सके। लेकिन ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी ताजा नक्शा पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह नजरअंदाज करता दिखता है। इसका समय भी बेहद अहम है। एक ओर भारत और अमेरिका के रिश्ते ट्रंप के दौर में फिर से सेट हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रेड डील को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इसी दौरान ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया था, जो अमेरिका के सहयोगी देशों में सबसे ज्यादा था। अब अंतरिम ट्रेड डील के तहत इस टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो एशियाई देशों में सबसे कम दरों में शामिल है। इससे भारत के निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है।

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