बजट में टेक्नोलॉजी पर जोर, बिजली की निगरानी में AI की एंट्री
जयपुर|राजस्थान सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल, बिजली और शहरी विकास को प्राथमिकता दी है। सड़कों, ब्रिज, जल योजनाओं, सोलर पार्क, सिग्नल-फ्री शहरों और आवास निर्माण पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश के समग्र विकास की रूपरेखा तैयार की गई है इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा सरकार का फोकस राजस्थान में सड़कों का ढांचा सुधारने के लिए सरकार 1800 करोड़ की लागत से नए ब्रिज और सड़ब बनाएगी। नॉ पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़, मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगले साल 250 अटल प्रगति पथ के 500 करोड़ के काम हाथ में लिए जाएंगे। बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। एक्सीडेंट रोकने 100 करोड़ की लागत से 2000 कैमरे लगाए जाएंगे।पानी की समस्या से निपटने का प्लान राजस्थान की नई जल नीति लाई जाएगी। जलदाय विभाग में 3000 संविदा तकनीकी कर्मचारियों के पदों पर भर्ती होगी। सीएम जल जीवन मिशन योजना के तहत 6500 गांवों को शमिल कर हर घर नल से जोड़ा जाएगा। इस पर 4500 करोड़ खर्च होंगे। करीब 2300 करोड़ की लागत से शहरों में पेयजल की सुविधाएं विकसित होंगी। अगले साल 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे।
AI से होगी बिजली की मॉनिटिरिंग
प्रदेश में 220 केवीए के 6 नए जीएसएस, , 132 केवी के 13 जीएसएस , 33 केवी के 110 नए जीएसएस बनाए जाएंगे। बीकानेर और जैसलमेर में 2950 करोड़ खर्च कर नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। बिजली सिस्टम की रीयल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अजमेर डिस्काम सेटर को एआई से जोड़ा जाएगा सभी संभाग मुख्यालय होंगे सिग्नल फ्री बजट में सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों को चरणबद्ध तरीके से सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। विभिन्न विकास कार्यों पर जयपुर के लिए प्रस्तावित 1000 करोड़ रुपये को शामिल करते हुए कुल 2300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। करीब 28 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा। शहरी निकायों में 5000 से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। अजमेर और जयपुर सहित अन्य शहरों में ड्रेनेज कार्यों पर 1020 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार करने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 93 फायर बाइक उपलब्ध कराई जाएंगी, जिस पर 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही, शहरी परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए अर्बन ट्रांसपोर्ट फाइनेंस फंड का गठन किया जाएगा।जादुई पिटारे पर 323 करोड़ रुपए खर्च होंगे वित्त मंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों में टॉयलेट बनाए जाएंगे। अगले साल 2500 से ज्यादा स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। साल 2500 से ज्यादा स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 450 करोड़ की लागत से जर्जर स्कूलों के भवनों का निर्माण होगा। स्कूली बच्चों को खेल किट और जादुई पिटारा देगी सरकार , 323 करोड़ का खर्च होगा। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए नई योजनाओं की घोषणा राज्य सरकार ने गंभीर मरीजों और दुर्घटना के मामलों में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘राज सुरक्षा’ नाम से नई योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत एक्सीडेंट पीड़ितों को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए प्रमुख हाईवे पर स्थित रेस्ट सेंटर्स पर एंबुलेंस तैनात की जाएंगी।मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष फोकस आत्महत्याओं की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘राज ममता’ नाम से नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेंटल हेल्थ का नया सेंटर खोला जाएगा।जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग के लिए काउंसलर भेजे जाएंगे।हर ग्राम पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।चिकित्सा ढांचे का विस्तार जयपुर के जेके लॉन अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से नया आईपीडी टॉवर बनाया जाएगा और नियोनेटल के लिए नया आईसीयू स्थापित किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग में 1000 नए पदों का सृजन किया जाएगा।अस्पतालों में आग से जुड़ी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए फायर सेफ्टी उपकरणों पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।मरीजों और परिजनों के लिए सुविधाएं जयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित बड़े शहरों के अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट के ठहरने के लिए धर्मशालाएं बनाई जाएंगी, जिन पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में मृतक के पार्थिव शरीर को घर तक निःशुल्क पहुंचाने के लिए ‘मोक्षवाहिनी योजना’ शुरू की जाएगी।पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं राजस्थान में पर्यटन विकास को गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। जैसलमेर से लेकर भरतपुर और शेखावाटी तक अलग-अलग क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।जैसलमेर के खुड़ी क्षेत्र में अल्ट्रा लक्जरी स्पेशल जोन बनाया जाएगा। कुलधरा में स्पेशल सेंटर विकसित होगा। पश्चिमी राजस्थान के शहरों को जोड़कर ‘थार सर्किट’ बनाया जाएगा, जिससे रेगिस्तानी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। खाटू श्याम और पुष्कर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। त्योहारों के अवसर पर विशेष आरती कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिन पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।भरतपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बृज कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। शेखावाटी की हवेलियों के विकास और संरक्षण के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम की स्थापना होगी। लोकनृत्यों को बढ़ावा देने के लिए संभाग स्तर पर लोक नृत्य उत्सव आयोजित किए जाएंगे। महिला पर्यटकों की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा कर्मियों और गाइड की नियुक्ति की जाएगी। इस पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए सीकर, झुंझुनूं और डीग में एयरपोर्ट बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में हवाई सेवाओं से संबंधित ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
चार जिलों में नए एयरपोर्ट की प्लानिंग
जैसलमेर के खुड़ी में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा, जबकि कुलधरा में नया पर्यटन केंद्र स्थापित होगा। इसके साथ ही पश्चिमी रेगिस्तानी जिलों को जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट बनाया जाएगा, जिससे डेजर्ट टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भरतपुर में बृज कन्वेंशन सेंटर और झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम स्थापित करने की घोषणा की। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार बुजुर्गों को हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत करवाई जाएगी। साथ ही देवस्थान विभाग की जमीनों पर बीओटी आधार पर नई धर्मशालाएं बनाई जाएंगी।हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सीकर, झुंझुनूं, डीग और भरतपुर में नए एयरपोर्ट के लिए फिजिबिलिटी स्टडी करवाई जाएगी। वहीं सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) खोले जाएंगे। डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा। साथ ही राज्य में नई आईटी पॉलिसी भी लागू की जाएगी।

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