तीखी बहस और हंगामे के बीच राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र समाप्त
जयपुर। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र का आज अंतिम दिन है। करीब डेढ़ महीने तक चले इस सत्र में बजट पेश होने से लेकर कई विधेयकों के पारित होने तक सदन का माहौल कई बार गरमाया रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप, तंज और हंगामे भी देखने को मिले। कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और महंगाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सरकार ने बजट और नीतियों को विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। इस बार का बजट वित्त मंत्री दीया कुमारी ने करीब 6.10 लाख करोड़ रुपये का पेश किया। सरकार ने बजट में आधारभूत ढांचे के विकास, निवेश बढ़ाने, पर्यटन, कृषि और रोजगार के अवसरों पर जोर दिया। सड़कों, शहरी विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रावधानों की घोषणा की गई। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से राज्य में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
हालांकि बजट पर चर्चा के दौरान सरकार कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर आई। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि बजट में बड़े-बड़े ऐलान तो किए गए हैं, लेकिन आम जनता को तुरंत राहत देने वाले ठोस प्रावधान कम हैं। बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में देरी, महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए। कई बार विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन में विरोध जताया, जिससे माहौल काफी गरम हो गया। सदन में कई मौकों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार भी देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर घोषणाओं की राजनीति करने का आरोप लगाया, तो सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए। इसी दौरान कई बार तंज और राजनीतिक कटाक्ष भी सुनने को मिले, जिससे सदन का माहौल काफी चटपटा और गरमागरम बना रहा। बजट सत्र के दौरान कई अहम विधेयक भी पारित किए गए। इनमें राजस्थान जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक और डिस्टर्ब्ड एरिया प्रॉपर्टी से जुड़ा विधेयक प्रमुख रहे। सरकार का कहना है कि इन कानूनों से प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर राजस्थान विधानसभा का यह बजट सत्र राजनीतिक बहस, तकरार और हंगामे के बीच कई अहम फैसलों के साथ समाप्त हुआ। जहां सरकार इसे विकास और निवेश को गति देने वाला बजट बता रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार को रोजगार, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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