मध्य, मालवा और महाकौशल प्रांत होंगे मुक्त, RSS में आ रही नई संरचना
भोपाल। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) मध्य प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. संघ अब तक चल रही प्रांत व्यवस्था को खत्म कर संभाग आधारित नई संरचना लागू करने की दिशा में काम कर रहा है. इस बदलाव के तहत प्रदेश में वर्तमान में मौजूद मध्य, मालवा और महाकौशल प्रांत की व्यवस्था समाप्त की जा सकती है और पूरे प्रदेश में संगठन का संचालन एकीकृत ढांचे के तहत किया जाएगा।
प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था के लिए होगा बदलाव
संघ के सूत्रों के मुताबिक, संगठन की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के बाद अब प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए यह बड़ा बदलाव प्रस्तावित है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद संगठन की गतिविधियां अलग-अलग प्रांतों के बजाय संभाग स्तर पर संचालित होंगी।
46 जिलों की जगह 80 से ज्यादा संगठनात्मक इकाइयों पर विचार
संघ की हालिया बैठकों में संगठन के विस्तार और प्रभावी संचालन को लेकर व्यापक चर्चा हुई है. इसमें प्रदेश में मौजूदा 46 जिलों की जगह 80 से अधिक संगठनात्मक इकाइयों का ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव सामने आया है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी संभाग सीधे प्रदेश संगठन के अंतर्गत काम करेंगे. इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और कार्यक्रमों का संचालन पूरे प्रदेश में एक समान तरीके से किया जा सकेगा।
प्रदेश स्तर पर मजबूत होगा नेतृत्व
संघ के भीतर इस बदलाव को संगठनात्मक रूप से बड़ा कदम माना जा रहा है. अभी तीन प्रांतों में नेतृत्व अलग-अलग स्तर पर काम करता है, लेकिन नई व्यवस्था में प्रदेश स्तर पर नेतृत्व अधिक मजबूत और केंद्रीकृत हो जाएगा. संघ के जानकारों का मानना है कि इससे संगठन की रणनीति और कार्यक्रमों को पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू करना आसान होगा।
तेजी से बढ़ीं शाखाएं और गतिविधियां
संघ से जुड़े सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश में शाखाओं और सामाजिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है. इसके चलते संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी. इसी के चलते अब प्रांत व्यवस्था को खत्म कर संभाग आधारित नई प्रणाली लागू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे संघ की गतिविधियों का संचालन अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से किया जा सके।

युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव