कॉरपोरेट कानूनों में बड़ा बदलाव, Nirmala Sitharaman लाएंगी नया बिल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार कारोबारियों के लिए माहौल को और सरल बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2026 पेश करेंगी। इस बिल का मकसद छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप्स और किसानों की उत्पादक कंपनियों के लिए नियमों को आसान बनाना और गैर-जरूरी कानूनी जटिलताओं को कम करना है। लोकसभा के एजेंडा के अनुसार, यह विधेयक सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 और कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन करने के लिए लाया जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्रीय कैबिनेट ने इस बिल को 10 मार्च को मंजूरी दे दी थी।
क्या हैं बिल के मुख्य प्रावधान?
इस प्रस्तावित कानून का मुख्य फोकस है:
- छोटे-मोटे अपराधों को डी-क्रिमिनलाइज (अपराध की श्रेणी से बाहर) करना है।
- कुछ आपराधिक प्रावधानों की जगह सिविल पेनल्टी (जुर्माना) लागू करना है।
- छोटे व्यवसायों, स्टार्टअप्स और किसान उत्पादक कंपनियों के लिए कंप्लायंस बोझ कम करना है।
- कंपनियों के लिए व्यापार करने में आसानी के साथ जीवन की सुगमता को बढ़ावा देना है।
क्यों जरूरी हैं ये बदलाव?
सरकार का मानना है कि कई मामलों में मामूली प्रक्रियात्मक चूक को आपराधिक अपराध मानना व्यवसायों के लिए अनावश्यक दबाव पैदा करता है। ऐसे प्रावधानों को हटाकर या सरल बनाकर कंपनियों को अधिक लचीलापन दिया जाएगा।
पहले भी हो चुके हैं बदलाव
कंपनी अधिनियम, 2013 में 2015 के बाद से अब तक चार बार संशोधन किए जा चुके हैं, ताकि नियमों को सरल बनाया जा सके। एलएलपी अधिनियम, 2008 में भी 2021 में इसी दिशा में बदलाव किए गए थे।

सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
लेक्चरर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध, हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका
हड़ताल पर बैठे छात्रों का ऐलान, अब मंत्री के खिलाफ खोला मोर्चा
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
'धोखेबाज भतीजे' पर CM शुभेंदु का करारा प्रहार, सेबाश्रय शिविर घोटाले में दी चेतावनी
धर्मेंद्र प्रधान विवाद के बीच मायावती का बड़ा कमेंट, पार्टी कैडर को किया सतर्क
होटल की खिड़की बनी मौत का कारण, उदयपुर में 2 साल की बच्ची झील में गिरी
PhonePe की आय में 11% ग्रोथ, फिर भी घाटा 62% बढ़ा