बिना दस्तावेज भी शादीशुदा माना जाएगा? जनगणना में नए प्रस्ताव पर बहस
नई दिल्ली | भारत की अगली जनगणना एक अप्रैल से शुरू होने जा रही है. ये जनगणना कई कारणों से चर्चा में है. इनमें एक बड़ा कारण लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों से जुड़ा भी है. जनगणना से पहले सरकार ने साफ कर दिया है कि लिव-इन में रहने वाले जोड़े जो स्थाई हैं, उन्हें सरकार शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्जा देने की योजना बना रही है |
बिना फेरे लिए ही कहलाएंगे मैरिड
जनगणना 2027 में बदलते समाज की झलक देखने को मिलने वाली है. सरकार ने जनगणना के ऑफिशियल पोर्टल पर जारी किए गए निर्देशों में लिव इन को लेकर बताया है. इसके मुताबिक अगली जनगणना में लिव-इन में रहने वाले कपल बिना फेरे लिए ही मैरिड कहलाएंगे. सरकार उन्हें शादीशुदा का दर्जा देगी. इसको लेकर जनगणना के पोर्टल पर पूछे जाने वाले FAQ में सरकार ने नियमों को स्पष्ट भी कर दिया है. जिसके कारण लोगों को संबंधित मामले में किसी भी तरह की कोई दिक्कत या कन्फ्यूजन ना हो |
किसी भी अधिकारी को कोई दस्तावेज नहीं देना होगा
लिव-इन में रहने वाले जो भी कपल जनगणना में खुद को शादीशुदा जोड़े के तौर पर दर्ज करवाना चाहते हैं, उन्हें किसी भी अधिकारी को कोई सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं होगी. ना ही कोई अधिकारी लिव-इन कपल से कोई भी मैरिड सर्टिफिकेट मांगेगा. सिर्फ पोर्टल पर जानकारी भरनी होगी या फिर अधिकारी को जानकारी देनी होगी. जो भी सूचना आप अधिकारी को देंगे, वही जानकारी मानी जाएगी. मतलब जो भी जानकारी होगी, वो स्वघोषित होगी |
लिव-इन कपल से 33 सवाल पूछे जाएंगे
जो लिव-इन कपल शादीशुदा दर्जा पाना चाहते हैं, उनसे कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे. जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर ये सवाल करेंगे. जिनकी लिस्ट नीचे दी गई है.आपके पास कौन से वाहन हैं. घर में मैरिड कप की संख्या कितनी है. घर पक्का है या मिट्टी का बना हुआ है. परिवार के मुखिया की कैटगरी क्या है(SC, ST या अन्य) |
30 सितंबर तक चलेगी जनगणना
जनगणना 2027 के लिए प्रक्रिया एक अप्रैल 2026 से शुरू होगी, जो कि 30 सितंबर तक चलेगी. एक अप्रैल से 30 सितंबर तक चलने वाली इस जनगणना प्रक्रिया में अलग-अलग राज्य अपने हिसाब से तारीखों का निर्धारण कर सकेंगे. इस प्रक्रियो को 15 और 30 दिनों यानी 45 में करने का निर्धारण किया गया है. पहले 15 दिनों में लोगों को खुद से ऑनलाइन पोर्टल पर (सेल्फ-एन्यूमरेशन) और इसके बाद 30 दिनों में गणना करने वाले कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे |

डिटॉक्स वाटर पीने से पहले जान लें इसके साइड इफेक्ट
पहलगाम बरसी से पहले गरजी इंडियन आर्मी, पाकिस्तान को सख्त संदेश
BRTS हटने के बाद भी नहीं सुधरी इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था, हाई कोर्ट नाराज
खुशी से मातम में बदली कहानी, भोज के बाद लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करता है कच्चा प्याज
“पूरा बंगाल तैयार है बदलाव के लिए”, अमित शाह का बड़ा चुनावी दावा
तेज प्रताप का बड़ा दावा, RJD में टूट के संकेत, सियासी पारा चढ़ा
DRDO ने बनाया AI से लैस ‘प्रज्ञा’, गृह मंत्रालय को सौंपा सिस्टम
200 का लक्ष्य और गलत शॉट: "पिच 175 वाली थी, पर हमारी खराब रणनीति ने डुबोई लुटिया"— हेडन।