ANPR कैमरों की मदद से संदिग्ध वाहन की तुरंत पहचान हुई
नई दिल्ली। विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाकर जबरदस्ती परिसर में गाड़ी घुसाने वाले सरबजीत एएनपीआर कैमरों से (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) पकड़ा गया था। एएनपीआर कैमरों से सरबजीत की कार की लाइव लोकेशन मिलती रही। उत्तरी जिले की रूप नगर थाना पुलिस ने गुड़ मंडी से आने वाले नाला रोड पर बैरिकेड लगाकर आरोपी सरबजीत की गाड़ी को रोका। माना जा रहा है कि सेफ्टी सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक पहला बड़ा केस सुलझाया गया है।
उत्तरी जिले के वरिष्ठ पुलिस सूत्रो ने बताया कि पुलिस कंट्रोल से जब सरबजीत की कार की लाइव लोकेशन मिलती रही तो रूप नगर पुलिस टीम ने नाले रोड पर बैरिकेड लगाकर घेराबंदी की। इंस्पेक्टर रमेश कौशिक ने तुरंत शीशा खुलवा कर कार की चाबी निकाल ली, ताकि आरोपी सरबजीत भाग न सके। जिस समय कार को रोका गया था उस समय कार में तीन लोग बैठे थे। जबकि सरबजीत जब कार को लेकर विधानसभा में घुसा था तो वह अकेला था। ऐसे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी दो आरोपियों को उसने रास्ते में कहीं से कार में बैठाया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने के बाद संसद भवन जाना था। रास्ता पूछने के लिए उसने दो अन्य व्यक्तियों को कार मे बैठाया था। वह संसद भवन पहुंचता उससे पहले ही वह पकड़ा गया।
सेल अधिकारी लंच करने गए थे
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस समय सरबजीत विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगा रहा था उस समय दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारी पुलिस मुख्यालय से नादारद थे। कुछ अधिकारी लंच करने घर गए थे। हालांकि सरबजीत को पकडऩे में स्पेशल सेल कुछ नहीं कर पाई।
क्या है एएनपीआर कैमरें
एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) एक उन्नत कैमरा तकनीक है, जो वाहनों की नंबर प्लेट को स्वचालित रूप से पढ़कर डिजिटल डाटा में बदलती है। यह एसआई और ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) का उपयोग कर चलती गाडिय़ों के नंबर को रात या कोहरे में भी पहचान सकती है। इसका उपयोग चालान, टोल संग्रह और सुरक्षा के लिए किया जाता है।
क्या है सेफ सिटी प्रोजेक्ट
बहुउद्दीय योजना के तहत दिल्ली में सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 10,000 एआई-सक्षम कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 6,000 से अधिक लगाए जा चुके हैं। देश की राजधानी अब केवल सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पैनी नजर रहती है। दिल्ली पुलिस अपने महत्वाकांक्षी सेफ सिटी प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में जुटी है। इस पूरे सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के टावर नंबर एक की छठी मंजिल पर एक भव्य और अत्याधुनिक कमांड सेंटर बनाया गया है। इसे ए4सी (कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटिंग और इंटेलिजेंस) नाम दिया गया है। सरबजीत की कार की लोकेशन इस कंट्रोल रूम से मिलती रही।
ये है खासियत
इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिना किसी पीसीआर काल के ही पुलिस को सक्रिय कर देगा। यानी घटना होने के बाद सूचना मिलने का इंतजार करने के बजाय, सिस्टम खुद घटना को पहचान कर अलर्ट जारी कर देता है। यह फेस रिकग्निशन सिस्टम और डिस्ट्रेस डिटेक्शन टेक्नोलाॅजी से भी लैस है।

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