SIR विवाद के बीच TMC का कदम, 90 लाख नाम फिर सूची में शामिल करने की घोषणा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) की तारीखें नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी हमले तेज होते दिख रहे हैं। भाजपा (BJP) ने जहां आज चुनावी घोषणा पत्र (Election Manifesto) में लोक लुभावन वादे कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बड़े वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है, वहीं TMC महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के हिन्दू कार्ड पर नया दांव चल दिया है। इतना ही नहीं बनर्जी ने चुनावों से पहले एक बड़ा ऐलान भी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी टीएमसी फिर से सत्ता में आती है तो SIR में काटे गए सभी 90 लाख लोगों के नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।
एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में अभिषेक बनर्जी ने इसका ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतादाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग और भाजपा यह कहे कि जिन 90 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं, वे सभी बांग्लादेशी थे।
63% नाम हिंदुओं के काटे गए
AITC के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, “…मैं यह भरोसा दिलाता हूँ कि जब TMC फिर जीतेगी, तो वोटर लिस्ट से हटाए गए सभी लोगों के नाम वापस जोड़ दिए जाएँगे।” उन्होंने कहा, “BJP और चुनाव आयोग को यह कहना चाहिए कि जिन 90 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे सभी बांग्लादेशी थे।” बनर्जी ने कहा, “उनके बयानों के अनुसार, इनमें से 63% नाम हिंदुओं के थे, तो फिर वे भी ज़रूर बांग्लादेशी या रोहिंग्या होंगे…यानी 90 में से 57 लाख हिन्दू बांग्लादेशी रोहिंग्या हैं।”
6 माह में UCC लागू करेंगे: BJP
बता दें कि बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर छह महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) लागू की जाएगी और ‘बंगाल के सपूत’ को मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही ‘राम राज्य’ स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए कहा कि घुसपैठ और तुष्टीकरण के खिलाफ भाजपा के रुख को कल्याणकारी प्रयासों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देगी। दूसरी तरफ, अभिषेक बनर्जी 63 फीसदी हिन्दू मतदाताओं के नाम काटे जाने के बहाने भाजपा को हिन्दू विरोधी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं और टीएमसी के पक्ष में ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं।

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