हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सरकारी अनुबंध के चलते नामांकन निरस्त करना वैध
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की एकल पीठ ने यह फैसला आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मुन्ना लाल टोप्पो की याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता ने रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अपना नामांकन पत्र निरस्त किए जाने को अदालत में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं अपने शपथ पत्र में शासन के साथ अनुबंध (कांट्रैक्ट) होने की बात स्वीकार की थी। जल जीवन मिशन के तहत यह अनुबंध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9A के तहत अयोग्यता का आधार बनता है। अदालत ने माना कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह वैध थी। हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अपने ही बयानों से पीछे नहीं हट सकता।

राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक