स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंची?
जगदलपुर|दंतेवाड़ा जिले के ग्राम सालेपाल गांव में मंगलवार सुबह सीआरपीएफ के जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने लेबर पेन से जूझ रही एक गर्भवती महिला को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। जवानों की त्वरित और संवेदनशील मदद से महिला को समय पर चिकित्सा उपचार मिल सका।
सालेपाल गांव में रहने वाली एक महिला को मंगलवार सुबह अचानक से लेबर पेन शुरू हो गया। उसे अस्पताल तक ले जाने के लिए गांव में एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इस गंभीर स्थिति की जानकारी सीआरपीएफ के जवानों को मिली। जवानों ने सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए तुरंत महिला की मदद के लिए गांव पहुंचे। उन्होंने गर्भवती महिला को पूरी सावधानी और सुरक्षित तरीके से एम्बुलेंस में बैठाया।
महिला को वाहन से उतारते जवान, व भर्ती के बाद जवान
इसके बाद एम्बुलेंस को आराम से चलाते हुए बारसूर के अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला की हालत को देखते हुए तुरंत उसका उपचार शुरू कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, वर्तमान में महिला की स्थिति स्थिर और ठीक बताई जा रही है। जवानों के इस कार्य से एक जीवन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
महिला के परिजनों ने जवानों द्वारा की गई इस त्वरित और मानवीय मदद के लिए उनका हृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने जवानों के इस नेक कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि सीआरपीएफ के जवान समय-समय पर उनकी सहायता के लिए हमेशा आगे आते रहते हैं। उन्होंने जवानों की इस निस्वार्थ सेवा और सहायता के लिए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
जवानों ने सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की और बिना देरी किए महिला को अस्पताल पहुंचाया। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता से एक गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। एम्बुलेंस की अनुपलब्धता जैसी विपरीत परिस्थिति के बावजूद जवानों ने वैकल्पिक व्यवस्था की। यह कार्य उनकी जनसेवा और समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

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