श्रीनगर में आतंकियों का खौफनाक प्लान फेल, महिला सहयोगी सहित 4 पकड़े गए
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत श्रीनगर के हजरतबल इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। देर रात चले एक टार्गेटेड सर्च ऑपरेशन में पुलिस और सुरक्षा बलों ने चार ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को दबोचा है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
बड़ी बरामदगी: हथियार और नकदी ज़ब्त
खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस छापेमारी में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से घातक हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई है:
-
हथियार: 1 हैंड ग्रेनेड और AK-47 की 15 गोलियां।
-
उपकरण: 4 मोबाइल फोन (डिजिटल साक्ष्यों के लिए ज़ब्त)।
-
अन्य: भारी मात्रा में नकदी।
आरोपियों की पहचान और नेटवर्क का खुलासा
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी हजरतबल के ही स्थानीय निवासी हैं। इनके नाम निम्नलिखित हैं:
-
जाहूर अहमद मीर
-
बशीर अहमद भट
-
गुलाम मोहम्मद भट
-
शाजिया मोहम्मद (महिला आरोपी)
जांच का दायरा: पुलिस के अनुसार, ये लोग आतंकियों को ठिकाना (Safe House), रसद और महत्वपूर्ण जानकारियां मुहैया करा रहे थे। स्थानीय स्तर पर इन लोगों की सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
कानूनी कार्रवाई और 'लेडी OGW' का खतरा
श्रीनगर पुलिस ने इस मामले में FIR नंबर 20/2026 दर्ज कर ली है। आरोपियों पर UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस नेटवर्क में शाजिया मोहम्मद (महिला) की मौजूदगी यह दर्शाती है कि आतंकी संगठन अब जांच से बचने के लिए महिलाओं का सहारा ले रहे हैं। महिला मददगारों का इस्तेमाल संदेश पहुंचाने और हथियार छिपाने के लिए किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा बलों को उन पर आसानी से शक न हो।
पुलिस अब ज़ब्त किए गए मोबाइल फोन के जरिए इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों को खंगाल रही है। आने वाले दिनों में घाटी में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव