तकनीकी खराबी या लापरवाही? एसी धमाके पर उठे सवाल
नई दिल्ली: विवेक विहार अग्निकांड की जांच तेज, अवैध निर्माण और बिजली लोड पर गहराया शक
विवेक विहार के बी-ब्लॉक स्थित एक बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रशासन और जांच एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। मंगलवार को विद्युत निरीक्षक और दिल्ली नगर निगम की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का विस्तृत मुआयना किया ताकि उन कारणों की तह तक पहुँचा जा सके जिनकी वजह से नौ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। जांच का मुख्य केंद्र इमारत पर स्वीकृत बिजली का लोड और वास्तविक खपत है क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि क्षमता से अधिक लोड होने के कारण ही शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट जैसी स्थितियां पैदा होती हैं। शुरुआती पड़ताल इशारा कर रही है कि आग दूसरी मंजिल की बालकनी से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने बढ़ाया मौत का आंकड़ा
नगर निगम की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि बिल्डर ने नियमों को ताक पर रखकर स्टिल्ट पार्किंग के साथ-साथ अवैध बेसमेंट का भी निर्माण किया था। इमारत के पिछले हिस्से को लोहे के जाल से पूरी तरह पैक कर दिया गया था जिससे आपात स्थिति में लोगों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। इसके अलावा पूरी चार मंजिला इमारत में आवाजाही के लिए महज एक ही संकरी सीढ़ी थी जिसमें वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था नहीं थी। सबसे घातक पहलू यह रहा कि इमारत में आग बुझाने के प्राथमिक उपकरण जैसे सिलेंडर या पानी के टैंक तक मौजूद नहीं थे और सेंट्रल लॉक सिस्टम होने के कारण बिजली कटते ही दरवाजे जाम हो गए जिससे लोग भीतर ही फंस गए।
प्रशासनिक सख्ती और भविष्य की कार्ययोजना पर सरकार का रुख
इस हृदयविदारक घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में फायर सेफ्टी मानकों के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्होंने सभी विभागों को सुरक्षा उपायों की समीक्षा के कड़े निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर नगर निगम ने अब पूरी दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है जिसके तहत घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सर्वे कर नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों को सील या ध्वस्त किया जाएगा। इसी बीच संसद मार्ग स्थित आरबीआई भवन की छत पर लगे सौर पैनलों में भी आग लगने की सूचना मिली जिसे दमकल विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते नियंत्रित कर लिया।

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