मुख्यमंत्री चेहरे पर नहीं बनी सहमति, केरल कांग्रेस में अंदरूनी कलह
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद भी कांग्रेस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर करीब तीन घंटे तक लंबी बैठक चली, लेकिन तीन बड़े दावेदारों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। इस खींचतान की वजह से पार्टी के अंदर की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है, जिससे हाईकमान की चिंता बढ़ गई है।
तीन दिग्गजों की दावेदारी और अपनी-अपनी दलीलें
इस रेस में तीन मुख्य नाम शामिल हैं—वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। बैठक के दौरान तीनों ही नेता अपने-अपने दावों पर अड़े रहे। केसी वेणुगोपाल का कहना है कि उन्हें 63 में से 40 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल है, जबकि रमेश चेन्निथला ने अपनी सीनियरिटी का हवाला देते हुए पद पर दावा किया। वहीं, वीडी सतीशन ने जनता की पसंद और गठबंधन के साथियों के सपोर्ट की बात कही। सतीशन ने तो यहाँ तक चेतावनी दे दी है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तो वे मंत्रिमंडल में कोई और पद नहीं लेंगे।
राहुल गांधी की सख्ती और गुटबाजी पर गुस्सा
नेताओं के बीच चल रही इस वर्चस्व की जंग पर राहुल गांधी ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूडीएफ की इतनी शानदार जीत की चमक को इस आपसी कलह ने खराब कर दिया है। राहुल गांधी का मानना है कि भारी जनादेश मिलने के बाद इस तरह सार्वजनिक रूप से दबाव बनाना बिल्कुल गलत तरीका है। उन्होंने नेताओं को समझाया कि पार्टी की इमेज को नुकसान पहुँचाने वाली ऐसी बयानबाजी और गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़कों से हटाए जाएंगे पोस्टर और बैनर
हाईकमान की फटकार के बाद तीनों नेताओं ने एक बात पर सहमति जताई है कि वे अपने समर्थकों को शांत करेंगे। नेताओं ने अपील की है कि उनके समर्थक सड़कों पर प्रदर्शन न करें। वीडी सतीशन ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि राज्य भर में उनके समर्थन में लगाए गए सभी फ्लेक्स बोर्ड और बैनर तुरंत हटा दिए जाएं। फिलहाल हाईकमान ने कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली से किसका नाम फाइनल होकर आता है।

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