मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप चरम पर, अगले 4 दिन राहत नहीं
भोपाल: मध्य प्रदेश में इस समय गर्मी ने अपना बेहद भयानक और रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश के लगभग सभी जिलों में लोग भीषण गर्मी और चिलचिलाती लू (हीट वेव) से बेहाल हैं। पर्यटन नगरी खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके साथ ही यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मई के महीने में खजुराहो में पिछले तीन दशकों (30 साल) में पहली बार इतनी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी है। राजधानी भोपाल में भी सूरज की तपिश का असर साफ देखा जा सकता है, जहां दोपहर के वक्त सड़कें और बाजार पूरी तरह सूने नजर आ रहे हैं। भोपाल में भले ही सरकारी आंकड़ा 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया हो, लेकिन हवाओं में मौजूद तपिश के कारण लोगों को दिन में 45 डिग्री जैसी भीषण गर्मी का अहसास हो रहा है।
प्रदेश के 7 जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने राज्य के हालातों को देखते हुए मध्य प्रदेश के 7 प्रमुख जिलों में भीषण और तीव्र लू चलने का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन जिलों में भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना शामिल हैं, जहां लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। खजुराहो के बाद प्रदेश का नौगांव शहर दूसरा सबसे गर्म इलाका रहा, जहां का तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राज्य के कम से कम 6 जिले ऐसे हैं जहां तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। आंकड़ों पर नजर डालें तो दमोह में 46 डिग्री, मंडला में 45.6 डिग्री, सतना में 45.3 डिग्री और मुरैना में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया है, जिसने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
मध्य प्रदेश के 5 बड़े महानगरों में पारे का हाल
अगर प्रदेश के प्रमुख बड़े शहरों के तापमान की बात करें, तो लगभग हर हिस्से में सूरज आग उगल रहा है। जबलपुर में तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर में यह 44.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजधानी भोपाल में पारा 42.6 डिग्री, बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। भोपाल के न्यू मार्केट जैसे व्यस्त व्यापारिक इलाकों में भी दोपहर के समय लोगों की आवाजाही पूरी तरह ना के बराबर हो गई है। जानकारों का मानना है कि भोपाल में पिछले कुछ सालों से चल रहे बड़े विकास कार्यों और हरियाली की कमी की वजह से भी शहर के तापमान और तपन में यह भारी बढ़ोतरी महसूस की जा रही है।
अस्पतालों में बढ़े डिहाइड्रेशन के मरीज और डॉक्टरों की सलाह
इस जानलेवा गर्मी का सीधा असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। तेज धूप के कारण लोग बड़ी संख्या में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मौसम में खासतौर पर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी है।
अगले चार दिनों तक आसमान से बरसेगी आग
मौसम विभाग की चेतावनी ने राज्य के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। अनुमान के मुताबिक, अगले 4 दिनों तक प्रदेश में गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है और आसमान से लगातार आग बरसेगी। इस दौरान खासकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभागों में गर्मी का सबसे भयानक रूप देखने को मिलेगा, जिससे हालात 'नौतपा' जैसे हो जाएंगे। डॉक्टरों और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जब तक कोई बहुत जरूरी या आपातकालीन काम न हो, दोपहर के समय अपने घरों से बाहर निकलने से बचें और लगातार पानी पीते रहें।

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