565KM लंबी गैस पाइपलाइन से राजस्थान के 4 जिलों को प्राकृतिक गैस की सौगात
दौसा। वैश्विक परिस्थितियों के कारण एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच राजस्थान के उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। प्रदेश के चार जिलों में जल्द ही रसोई गैस सिलेंडर के झंझट से मुक्ति मिलने वाली है और सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों तक प्राकृतिक गैस (PNG) पहुंचाई जाएगी। इसके लिए करीब 565 किलोमीटर लंबी स्टील पाइपलाइन बिछाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। राहत की बात यह है कि दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में इस दिशा में जमीनी काम भी शुरू हो चुका है, जहां हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) की टीम ने गुरुवार को पहुंचकर अपना सर्वे कार्य शुरू कर दिया है।
विधायक से मिले अधिकारी, दो से तीन सप्ताह में पूरा होगा सर्वे
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के जियोग्राफिकल एरिया हेड कुलदीप सोनी ने बांदीकुई पहुंचकर स्थानीय विधायक भागचंद टांकड़ा से उनके जनसुनवाई कार्यालय में मुलाकात की और इस पूरी परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद तकनीकी अधिकारियों की टीम ने बांदीकुई शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और पाइपलाइन बिछाने के रास्तों का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो से तीन हफ्तों में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद घरेलू, कमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्रों में मुख्य पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू होगा।
सीएनजी स्टेशन तैयार, आधे साल के भीतर मिलेगा पहला घरेलू कनेक्शन
बांदीकुई शहर के वाहन चालकों के लिए भी एक अच्छी खबर है; यहाँ सीएनजी (CNG) पंप का निर्माण कार्य अपने आखिरी चरण में है। इसके चालू होने से न सिर्फ लोगों को सस्ता ईंधन मिलेगा, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। वहीं, शहरी नेटवर्क (MDPE) को मजबूत करने के बाद अधिकारियों का दावा है कि काम शुरू होने के महज 6 महीनों के भीतर पहला घरेलू गैस कनेक्शन दे दिया जाएगा। विधायक भागचंद टांकड़ा ने बताया कि गैस की किल्लत को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने यह मांग रखी थी, जिसके बाद हिंदुस्तान पेट्रोलियम को इस काम के लिए अधिकृत किया गया। उन्होंने इच्छा जताई है कि इस योजना का पहला कनेक्शन किसी पवित्र मंदिर या सरकारी स्कूल को दिया जाए।
चार जिलों में फैलेगा 124 गैस स्टेशनों का विशाल नेटवर्क
राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के तत्वावधान में शुरू हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दौसा के अलावा करौली, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों को भी शामिल किया गया है। इन चारों जिलों के शहरी और ग्रामीण इलाकों को कवर करने के लिए 565 किलोमीटर लंबी स्टील पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारी कुलदीप सोनी ने बताया कि इस पूरी योजना के तहत क्षेत्र में कुल 124 गैस स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य है, जिनमें से करीब 50 स्टेशनों को पहले ही चालू किया जा चुका है।
पाइपलाइन गैस से आम जनता को मिलने वाले मुख्य फायदे
इस योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद स्थानीय निवासियों को कई बड़े फायदे मिलेंगे, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
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सिलेंडर बुकिंग से मुक्ति: उपभोक्ताओं को गैस खत्म होने या दोबारा सिलेंडर बुक कराने और डिलीवरी का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।
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सस्ता और सुरक्षित ईंधन: पीएनजी गैस पारंपरिक एलपीजी के मुकाबले न सिर्फ सस्ती होती है, बल्कि इस्तेमाल में भी बेहद सुरक्षित मानी जाती है।
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24 घंटे अनवरत सप्लाई: बिजली की तरह रसोई गैस भी मीटर के जरिए चौबीसों घंटे सीधे चूल्हे तक उपलब्ध रहेगी और लोग जितना इस्तेमाल करेंगे, बिल भी उतना ही आएगा।

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