शरीर को ठंडा रखना है तो आज ही बदलें अपनी डाइट, जानें क्या खाएं और क्या नहीं
ऐसे तपते मौसम में हमारे शरीर को खुद को अंदर से कूल और हाइड्रेटेड रखने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इस दौरान हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत, पाचन क्रिया और एनर्जी लेवल पर पड़ता है।
आयुर्वेद के मुताबिक, हर खाद्य पदार्थ की अपनी एक तासीर (प्रकृति) होती है। कुछ चीजें स्वभाव से बेहद "गर्म" होती हैं, जिनका सेवन यदि गर्मियों में ज्यादा किया जाए, तो वे शरीर के भीतर हीट (पित्त) को बढ़ा देती हैं। इसके कारण लोगों को घबराहट, पेट में जलन, एसिडिटी और पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके विपरीत, कुछ सुपरफूड्स ऐसे हैं जो पेट को ठंडक पहुंचाकर शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं। इसलिए, इस चिलचिलाती धूप में सही खानपान का चुनाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं कि इस मौसम में भोजन की थाली से किन चीजों को कुछ समय के लिए आउट करना है और किन्हें इन (In) करना है।
गर्मियों के मौसम में इन 3 चीजों से दूरी बनाना ही बेहतर
1. अदरक और लहसुन का अत्यधिक प्रयोग
वैसे तो अदरक और लहसुन को सेहत के लिए रामबाण माना जाता है, लेकिन इनकी तासीर काफी गर्म होती है। मई-जून की इस झुलसाने वाली गर्मी में अगर सब्जी या काढ़े में इनका इस्तेमाल ज्यादा किया जाए, तो यह शरीर के अंदरूनी तापमान को बढ़ा देता है। इसके कारण सीने में जलन, खट्टी डकारें और बेचैनी होने लगती है। इसलिए गर्मी के महीनों में इनका सेवन बेहद सीमित कर दें।
2. अजवाइन का ज्यादा इस्तेमाल
अजवाइन को पेट दर्द और गैस की समस्या का अचूक इलाज माना जाता है, मगर इसकी तासीर भी गर्म श्रेणी में आती है। गर्मियों में बार-बार या अधिक मात्रा में अजवाइन का पानी या चूर्ण लेने से शरीर के भीतर की गर्मी बढ़ सकती है, जिससे बॉडी जल्दी डिहाइड्रेट होने लगती है।
3. बाजरे की रोटी और आटा
बाजरा पोषक तत्वों का खजाना है, लेकिन आयुर्वेद में इसे सर्दियों का भोजन माना गया है क्योंकि यह शरीर को गर्माहट देता है। गर्मियों में बाजरे का हैवी सेवन करने से पेट में भारीपन महसूस हो सकता है और शरीर का तापमान असंतुलित हो सकता है। इस मौसम में इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए।
शरीर को अंदर से 'एसी' जैसी ठंडक देंगे ये 3 विकल्प
1. सौंफ और जीरे का पानी
सौंफ और जीरा हमारे किचन में मौजूद सबसे बेहतरीन नेचुरल कूलिंग एजेंट्स (ठंडक देने वाले तत्व) हैं। इनका पानी या शर्बत पीने से न सिर्फ पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, बल्कि यह पेट की अतिरिक्त गर्मी को शांत कर शरीर को शीतलता प्रदान करता है।
2. छोटी इलायची
इलायची सिर्फ माउथ फ्रेशनर नहीं है, बल्कि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखने का बेहतरीन काम करती है। इसका नियमित सेवन एसिडिटी की समस्या को जड़ से खत्म करता है, जी मिचलाने की दिक्कत को रोकता है और चिलचिलाती गर्मी में भी शरीर को हल्का और तरोताजा बनाए रखता है।
3. ज्वार और जौ का दलिया या रोटी
गर्मियों में गेहूं या बाजरे की जगह ज्वार और जौ को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। ये अनाज पचाने में बेहद हल्के, पौष्टिक और ठंडी तासीर वाले होते हैं। ये न केवल शरीर को भरपूर ऊर्जा देते हैं, बल्कि लू के थपेड़ों से भी बचाते हैं और इन्हें खाने के बाद लंबे समय तक भूख भी नहीं लगती।

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