बेलखेड़ा में गंभीर आपराधिक मामला सामने आया, दो बहनों के अपहरण की जांच
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला अंतर्गत बेलखेड़ा थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के साथ बर्बरता और अपहरण का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक 21 वर्षीय युवती को शादी का झांसा देकर गुजरात के सूरत (ताताथइयाँ क्षेत्र) ले जाने, तीन महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और उसकी 16 साल की नाबालिग छोटी बहन को गायब रखने का आरोप लगा है। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर 26 मई 2026 को वापस लौटी पीड़िता ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की है।
शादी का झांसा देकर बनाया बंधक, अश्लील वीडियो बनाकर दी धमकी
पीड़ित युवती ने मुख्य आरोपी सुरेंद्र पटेल पर बंधक बनाकर शारीरिक शोषण करने और प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, आरोपी उसे बहला-फुसलाकर गुजरात ले गया था, जहाँ उसने शादी का झांसा देकर लगातार तीन महीने तक पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इस बीच आरोपी ने पीड़िता के कुछ अश्लील वीडियो भी बना लिए, जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर वह उसे चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा। आरोपी ने पीड़िता को डराने के लिए उसके परिवार को सड़क दुर्घटना में मार डालने की धमकी भी दी थी।
नाबालिग बहन का जबरन विवाह और शोषण की आशंका
इस खौफनाक घटनाक्रम में पीड़िता की 16 वर्षीय छोटी बहन का भी अपहरण किया गया है। शिकायत के अनुसार, दूसरा आरोपी प्रशांत पटेल नाबालिग लड़की को जबरन अपने साथ गुजरात ले गया था। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि आरोपियों ने नाबालिग को अपने अवैध कब्जे में रखकर उसका शारीरिक शोषण किया है और आरोपी प्रशांत पटेल ने उसके साथ मंदिर में जबरन शादी कर ली है। बड़ी बहन तो किसी तरह साहस दिखाकर वापस लौट आई, लेकिन छोटी बहन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
गाड़ी का नंबर छिपाने पर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
पीड़ित परिवार ने बेलखेड़ा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद 7 फरवरी 2026 को ही थाने में अपहरण का मामला (अपराध क्रमांक 0022/2026, धारा 137(2) BNS) दर्ज करा दिया था। इसके बावजूद, पुलिस ने उस वाहन (नंबर- एमपी 20 JL 4921) को प्राथमिकी या केस डायरी में दर्ज नहीं किया, जिसका इस्तेमाल दोनों बहनों को ले जाने के लिए किया गया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस लापता नाबालिग को ढूंढने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
राजनीतिक रसूख के चलते पुलिस पर दबाव का आरोप
शिकायत पत्र में पीड़ित पक्ष ने यह भी खुलासा किया है कि आरोपी पक्ष अपने मजबूत राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल कर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। मुख्य आरोपी क्षेत्र के एक स्थानीय प्रभावशाली नेता का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है, जिसके कारण पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है। परेशान परिवार ने जब न्याय के लिए '181 सीएम हेल्पलाइन' पर शिकायत की, तो पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय खुद पीड़ित परिवार पर ही शिकायत वापस लेने का मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। फिलहाल, न्याय न मिलने से हताश परिवार ने पुलिस के उच्चाधिकारियों की शरण ली है।

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