सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण, 39 केंद्रों पर शुरू हुआ पीओएस आधारित खाद वितरण
कांकेर: शासन की महत्वपूर्ण किसान हितकारी ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनर्गठन योजना के अंतर्गत जिले में 39 नई ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इन सभी नई समितियों को खाद के आसान और त्वरित वितरण के लिए पीओएस (POS) मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। मशीनें मिलते ही इन केंद्रों पर किसानों को आसानी से खाद और बीज का वितरण शुरू हो गया है।
हजारों किसानों को मिला घर के पास लाभ
इस नई व्यवस्था से क्षेत्र के किसानों को अब खेती-किसानी से जुड़ी सामग्री के लिए लंबा सफर तय नहीं करना पड़ रहा है। नई गठित 39 सहकारी समितियों के अंतर्गत आने वाली 89 पंचायतों के 112 गांवों के कुल 43,639 किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। किसानों को उनके गृह ग्राम यानी घर के पास ही सुगमता से खाद, बीज और नगद ऋण प्राप्त हो रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों और किसान परिवारों में खुशी का माहौल है।
करोड़ों का ऋण और भारी मात्रा में खाद वितरण
आंकड़ों के अनुसार, इन 39 नई समितियों में अब तक 112 गांवों के 43,639 किसानों के लिए 1,876 टन खाद का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से 353 टन खाद का सुचारू वितरण भी हो चुका है। इसके साथ ही, किसानों को खेती की जरूरतों के लिए अब तक कुल 48 करोड़ 99 लाख रुपये का नगद ऋण वितरित किया जा चुका है।
गुणवत्ता की निगरानी और कड़े निर्देश
कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले के किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहकारी समितियों से खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। किसानों को केवल उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक और खाद ही मिलें, इसके लिए कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र के कृषि केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण और कड़ी निगरानी भी की जा रही है।

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