हरदा में आपदा के बादल, किसानों की फसल को नुकसान
हरदा: हरदा जिले में प्री-मानसून बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। बीते दिनों हुई तेज बारिश और आंधी-तूफान ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस बदलते मौसम से सबसे ज्यादा परेशानी क्षेत्र के किसानों को हो रही है, जिनकी मूंग की फसल खेतों में पूरी तरह तैयार खड़ी है। अचानक हुई इस बेमौसम बारिश ने फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर ही बड़ा खतरा खड़ा कर दिया है।
मूंग की फसल पर मौसम की मार
हरदा जिला मूंग उत्पादन के लिए विशेष रूप से जाना जाता है और इस समय बड़ी संख्या में किसानों की फसल कटाई के दौर में है। ऐसे समय में लगातार बारिश होना किसानों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मूंग की फसल पकने के बाद अधिक नमी मिलने से दानों की चमक कम हो जाती है, जिससे बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना घट जाती है। खेतों में पानी जमा होने से कटाई का काम रुक गया है और यदि बारिश का दौर लंबा चला, तो फसलों के सड़ने और उनमें अंकुरण आने की समस्या बढ़ सकती है।
तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी फसलें आंधी के कारण गिर गई हैं, जिससे किसानों की लागत डूबने की कगार पर है। इसके साथ ही, ग्रामीण इलाकों में लोगों को अपने रोजमर्रा के कामकाज और आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई गई है, जिसने किसानों की चिंता को दोगुना कर दिया है।
स्कूल भवन की उड़ी छत
बारिश और तेज तूफान का असर सिर्फ खेतों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर शहरी और शासकीय व्यवस्थाओं पर भी पड़ा है। हरदा के उत्कृष्ट विद्यालय की छत तेज हवाओं के कारण उड़ गई, जिससे स्कूल के कंप्यूटर, फर्नीचर और जरूरी रिकॉर्ड को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद प्रशासन द्वारा नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द मरम्मत का कार्य शुरू कराया जा सके।
मंडी में भीगा मक्का, बेहतर इंतजामों की मांग
मौसम की इस मार से व्यापार जगत भी अछूता नहीं रहा। कृषि उपज मंडी में खुले में रखा बड़ी मात्रा में मक्का अचानक आई बारिश में भीग गया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कंक्रीट के शेड और बेहतर इंतजाम बेहद जरूरी हैं। इस शुरुआती झटके के बाद अब किसान, व्यापारी और आम जनता प्रशासन की राहत और आने वाले दिनों के मौसम पर नजर टिकाए हुए हैं।

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