पाकिस्तान क्रिकेट में बड़े फेरबदल के संकेत, कई अहम फैसले संभव
बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली 0-2 की ऐतिहासिक और शर्मनाक टेस्ट सीरीज हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक और रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी में है। बोर्ड के गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, टेस्ट टीम के मुख्य कोच सरफराज अहमद और कप्तान शान मसूद को उनके पदों से बर्खास्त करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
इस बड़े फेरबदल के बीच, पीसीबी ने टीम को संकट से उबारने के लिए पाकिस्तान के पूर्व महान कप्तान यूनिस खान और पूर्व धाकड़ ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज से संपर्क साधा है, ताकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में बेहद अहम और कड़े फैसले लेने वाली जिम्मेदारियां सौंपी जा सकें।
सरफराज अहमद को जूनियर टीम में भेजने की सिफारिश
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के विशेष सलाहकारों ने बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद टेस्ट टीम के पूरे ढांचे को 'री-स्ट्रक्चर' (नए सिरे से तैयार) करने की कड़ी सिफारिश की है।
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डिमोशन की तैयारी: सरफराज अहमद को सीनियर टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटाकर दोबारा पाकिस्तान अंडर-19 और 'ए' (जूनियर) टीमों की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा जा सकता है।
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यूनिस खान की एंट्री पर सस्पेंस: यह बदलाव तभी अमलीजामा पहनेगा जब बोर्ड और पूर्व कप्तान यूनिस खान के बीच नई भूमिका को लेकर सहमति बन जाएगी। बताया जा रहा है कि यूनिस खान ने अतीत के कड़वे अनुभवों को देखते हुए पद स्वीकार करने के लिए कुछ बेहद कड़ी शर्तें रखी हैं, जिसके चलते बातचीत अभी अंतिम दौर में फंसी हुई है।
शान मसूद की कप्तानी पर मंडराया संकट
लगातार मिल रही हार के बाद टेस्ट कप्तान शान मसूद की लीडरशिप पर भी तलवार लटक गई है। हालांकि, मसूद ने बोर्ड के आला अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उन्हें आगामी वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली महत्वपूर्ण सीरीज तक टीम की कमान संभालने का एक आखिरी मौका दिया जाए, लेकिन बोर्ड का एक बड़ा धड़ा उन्हें तुरंत हटाने के पक्ष में है।
मोहम्मद हफीज संभाल सकते हैं मुख्य चयनकर्ता की कमान
क्रिकेट बोर्ड के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, पूर्व ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज को पाकिस्तान टीम का नया मुख्य चयनकर्ता (Chief Selector) बनाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विभाग का डायरेक्टर भी नियुक्त करने की योजना है।
बोर्ड के सामने क्या है दुविधा?
हालांकि हफीज के नाम पर शुरुआती सहमति बन गई है, लेकिन पीसीबी के भीतर एक गुट का मानना है कि हफीज पिछले कुछ समय से मीडिया में लगातार बोर्ड और टीम की नीतियों की तीखी आलोचना करते आ रहे हैं। ऐसे में उन्हें इतना बड़ा पद सौंपने से क्रिकेट जगत में यह संदेश जा सकता है कि बोर्ड ने उनकी बोलती बंद करने या उनकी आलोचनाओं को शांत करने के लिए उन्हें यह बड़ा ऑफर दिया है।
बदलाव का कारण: बांग्लादेश सीरीज में ऐतिहासिक हार
पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका था जब बांग्लादेश ने उन्हें उनके ही घर में टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप (2-0) किया। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद से ही:
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टीम प्रबंधन (Team Management) की रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं।
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घरेलू चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर फैंस में भारी गुस्सा है।
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टीम के भीतर गुटबाजी और खराब नेतृत्व की पोल खुल चुकी है।
इन्हीं सब वजहों से पीसीबी अब किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है और आगामी सीजन से पहले टीम को पूरी तरह नए तेवर और कलेवर में ढालने के लिए बड़े सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर चुका है।

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