कहीं बरसेंगे बादल, कहीं तपेगी धरती; राजस्थान में मौसम ने बदला मिजाज
जयपुर। राजस्थान में इन दिनों मौसम के दो बेहद विपरीत और अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। राज्य के एक हिस्से में जहां धूल भरी आंधी, बादलों की गरज और प्री-मानसून की बौछारें आम जनता को तपिश से राहत दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी मरुस्थलीय जिलों में सूरज की किरणें आग बरसा रही हैं और लोग भीषण लू की मार झेल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को राज्य के 7 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 5 अन्य जिलों में हीटवेव (लू) का प्रकोप बने रहने की सख्त चेतावनी दी है।
श्रीगंगानगर बना देश का सबसे तप्त इलाका और अलवर में बरसे बदरा
सोमवार को प्रदेश के अधिकांश संभागों में तीखी धूप के साथ बढ़ी उमस ने आम जनजीवन को बुरी तरह बेहाल कर दिया। प्री-मानसून के बादलों के बावजूद अधिकांश पश्चिमी जिलों में तापमान का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ता गया। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके साथ यह न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड हुआ। इसके साथ ही जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और चूरू में भी पारा 44 से 46 डिग्री के बीच झुलसाता रहा। इसके विपरीत पूर्वी हिस्से के अलवर जिले में शाम ढलते ही मौसम का मिजाज बदला और झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया।
जोधपुर और बीकानेर संभाग में तापमान बढ़ने और लू चलने की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों के अंतर्गत आने वाले जिलों में आगामी दो से तीन दिनों तक वायुमंडल पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस शुष्कता के चलते यहां के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का और उछाल आने की प्रबल आशंका है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में लू के थपेड़े लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा सकते हैं। दूसरी ओर, प्रांतीय राजधानी जयपुर में सोमवार को पारा 40.1 डिग्री रहा, जबकि कोटा, उदयपुर और सीकर में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास मंडराता रहा।
11 जून से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ और मिलेगी राहत
तपती गर्मी और उमस से बेहाल राजस्थान वासियों के लिए मौसम विभाग ने एक राहत भरी भविष्यवाणी भी की है। आगामी 11 जून से उत्तर-पश्चिमी भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इस नए मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश के एक बड़े भूभाग पर फिर से तेज आंधी चलने, आकाशीय बिजली चमकने और अच्छी बारिश होने का दौर शुरू होगा। मौसम विशेषज्ञों का आकलन है कि यह प्रणाली प्री-मानसून की गतिविधियों को और अधिक रफ्तार देगी, जिससे आगामी सप्ताहांत तक तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिल सकेगी।

धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने
इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत
स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 की तैयारियां प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता