कोटा पेशी पर लगी रोक, पान मसाला मामले में सलमान खान को बड़ी राहत
कोटा। एक विख्यात पान मसाला ब्रांड के कथित तौर पर गुमराह करने वाले विज्ञापन से जुड़े कानूनी विवाद में फिल्म अभिनेता सलमान खान को देश की सर्वोच्च उपभोक्ता अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम) ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कोटा जिला उपभोक्ता आयोग में चल रही समस्त दंडात्मक कार्यवाहियों पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है। इस महत्वपूर्ण न्यायिक आदेश के बाद अब बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को अपने हस्ताक्षरों के सत्यापन के लिए फिलहाल कोटा आने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। राष्ट्रीय फोरम ने इस संवेदनशील मामले की अगली न्यायिक सुनवाई के लिए आगामी 22 जून की तिथि मुकर्रर की है।
हस्ताक्षरों के मिलान को लेकर खड़ा हुआ था विवाद
इस पूरे कानूनी विवाद की पृष्ठभूमि कोटा उपभोक्ता आयोग में अभिनेता की तरफ से दाखिल किए गए दस्तावेजों से जुड़ी है। मामले में मसाला कंपनी का पक्ष रख रहे कानूनी सलाहकार राकेश सुवालका ने बताया कि पूर्व में सलमान खान की ओर से उपभोक्ता अदालत में जो वकालतनामा और लिखित जवाब पेश किया गया था, उस पर किए गए उनके हस्ताक्षरों (साइन) की प्रामाणिकता को लेकर परिवादी वकील इंद्रमोहन सिंह हनी ने गंभीर आपत्ति जताई थी। इस शिकायत को सही मानते हुए कोटा उपभोक्ता आयोग ने 26 दिसंबर 2025 को एक कड़ा आदेश सुनाया था। अदालत ने अभिनेता के हस्ताक्षरों की जांच फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से कराने का निर्देश दिया था और साथ ही सलमान खान को खुद कोर्ट में हाजिर होकर अपने दस्तखत वाला एक नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने को कहा था।
अवमानना की अर्जी के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख
स्थानीय उपभोक्ता अदालत द्वारा तय की गई तारीख पर जब अभिनेता व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए, तो शिकायतकर्ता पक्ष ने उनके खिलाफ अदालत के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए एक अवमानना याचिका दायर कर दी थी। इस कानूनी शिकंजे से बचने के लिए सलमान खान की विधिक टीम ने फौरन राजस्थान हाईकोर्ट और नेशनल कंज्यूमर फोरम की शरण ली थी। इस पर सुनवाई करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ने बीती 27 मई को ही एक बड़ा फैसला सुनाया था और कोटा उपभोक्ता आयोग के 26 दिसंबर 2025 वाले आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसकी अगली सुनवाई अब 14 जुलाई को होनी तय है।
राष्ट्रीय फोरम ने भी पूरी कार्रवाई पर लगाया स्टे
अधिवक्ता राकेश सुवालका के मुताबिक, राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए स्थगन आदेश की प्रमाणित प्रति को पहले ही जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष आधिकारिक रूप से प्रस्तुत किया जा चुका था। इसी बीच, मुख्य मामले की गंभीरता को देखते हुए नई दिल्ली स्थित नेशनल कंज्यूमर फोरम ने भी 10 जून को अपनी विशेष सुनवाई के दौरान निचली अदालत की पूरी कार्रवाई पर रोक लगाने का डिक्री आदेश जारी कर दिया। दोनों ही उच्च अदालतों से बैक-टू-बैक स्टे मिल जाने के कारण अभिनेता सलमान खान को स्थानीय कोर्ट की कार्रवाई से बहुत बड़ी राहत मिली है और अब सारा दारोमदार आगामी तिथियों में होने वाली अंतिम बहस पर टिक गया है।

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