रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा: मां की मौत, तारों के जाल ने रचा चमत्कार
हैदराबाद। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) हब माने जाने वाले हैदराबाद से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी महज छह माह की मासूम बेटी को गोद में लेकर अपार्टमेंट की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। इस खौफनाक कदम के कारण महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी दुधमुंही बच्ची इस भयावह हादसे में चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गई। स्थानीय पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका की पहचान 37 वर्षीय ईशा साहू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश की निवासी थीं और अपने पति व दो बच्चों के साथ यहां रह रही थीं। दंपती की शादी को 13 साल बीत चुके थे और दोनों ही टेक इंडस्ट्री में कार्यरत थे।
पति को दुकान भेजकर उठाया आत्मघाती कदम, प्रसवोत्तर अवसाद बनी वजह
पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में यह बात निकलकर सामने आई है कि मृतका ईशा साहू अपनी छोटी बेटी के जन्म के बाद से ही लगातार गंभीर मानसिक तनाव और प्रसवोत्तर अवसाद (पोस्टमार्टम डिप्रेशन) का सामना कर रही थीं। शुक्रवार की शाम उन्होंने एक सुनियोजित रणनीति के तहत अपने पति को घर के किसी जरूरी सामान की खरीदारी के लिए पास की एक दुकान पर भेजा। पति के घर से बाहर जाते ही अवसाद से घिरी महिला अपनी छह महीने की बच्ची को सीने से लगाकर अपार्टमेंट की छत की तरफ भागी और वहां से नीचे छलांग लगा दी।
अपार्टमेंट के सुरक्षा तारों में अटकी मासूम, रोने की आवाज सुनकर चौकीदार ने बचाया
इस दर्दनाक वाकये में जहां ऊंचाई से कंक्रीट के फर्श पर गिरने के कारण महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं उसकी किस्मत ने मासूम बच्ची का साथ दिया। छलांग लगाने के दौरान बच्ची अपार्टमेंट की बाहरी चारदीवारी के ऊपर लगे लोहे के कटीले सुरक्षा तारों (फेंसिंग वायर) पर जा गिरी और उसके कपड़े उन तारों में उलझ गए, जिसके चलते वह सीधे जमीन पर गिरने से बच गई। कुछ ही देर बाद जब पड़ोस के एक अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मी (चौकीदार) ने किसी बच्चे के लगातार रोने और बिलखने की आवाज सुनी, तो उसने ध्यान से देखा। बच्ची को तारों में लटका पाकर उसने तुरंत तत्परता दिखाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
अस्पताल में भर्ती मासूम की हालत खतरे से बाहर, पुलिस जांच में जुटी
सुरक्षा तारों के कवच से चमत्कारिक रूप से जीवित बची बच्ची को पुलिस और स्थानीय नागरिकों की मदद से बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। शनिवार को डॉक्टरों के एक विशेष दल ने बच्ची की गहन चिकित्सकीय जांच करने के बाद राहत भरी खबर दी कि उसे कोई गंभीर अंदरूनी चोट नहीं आई है और उसकी स्थिति पूरी तरह खतरे से बाहर है। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके मायके पक्ष को सूचित करने के साथ ही इस पूरे दुखद घटनाक्रम की गहनता से कानूनी जांच शुरू कर दी है।

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