बागी सांसदों पर शांतनु ठाकुर का दावा, 'TMC छोड़ BJP का रुख करेंगे कई नेता'
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी इस समय अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। राज्य विधानसभा में हुई बड़ी बगावत के बाद अब देश की संसद में भी पार्टी के टूटने का खतरा मंडराने लगा है। इसी बीच भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने बागी नेताओं को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई बागी नेता भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल भाजपा के दरवाजे उनके लिए बंद हैं।
पार्टी के भीतर खुलकर सामने आई कलह
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में हार मिलने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के भीतर की आपसी लड़ाई अब पूरी तरह खुलकर सामने आ गई है। पंचायत स्तर से लेकर संसद तक के नेता लगातार अपने पदों से इस्तीफे दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी पहले ही दो गुटों में बंट चुकी है, जिसमें से एक बागी गुट का नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं और उनके साथ करीब 58 विधायक बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, संसद में भी बगावत तेज हो गई है, जहां पार्टी के करीब 19 सांसद बागी हो गए हैं। इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अपने लिए अलग से बैठने की व्यवस्था करने और एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है।
ममता बनर्जी पर केस दर्ज होने पर छिड़ी रार
ममता बनर्जी पर दर्ज हुई एक एफआईआर (FIR) को लेकर पार्टी सांसद कीर्ति आजाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज होना कोई हैरान करने वाली बात नहीं है, क्योंकि राजनीति में नेताओं को अक्सर ऐसे सच्चे और झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए थे, तब उन्होंने भी कई ऐसे भाषण दिए थे जिन पर आपत्ति जताई जा सकती थी। कीर्ति आजाद ने केंद्रीय गृह मंत्री के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि अगर डराने-धमकाने वाले भाषणों के आधार पर ममता बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज करना सही है, तो फिर विपक्षी नेताओं के भाषणों पर भी उसी तरह की कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?
बागी सायोनी और सुदीप को पद से हटाया
इस अंदरूनी कलह और बगावत को देखते हुए ममता बनर्जी ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने बागी रुख अपनाने वाली सांसद सायोनी घोष और सुदीप बंद्योपाध्याय के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सायोनी घोष को टीएमसी की युवा इकाई के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह अब अर्णब बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह, वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को भी उत्तर कोलकाता के जिला अध्यक्ष पद से बेदखल कर दिया गया है और उनकी जगह कुणाल घोष को उत्तर कोलकाता का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

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