सोने-चांदी की कीमतों में तेज बढ़त, निवेशकों की बढ़ी चिंता और उम्मीदें
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में पिछले करीब 107 दिनों से जारी गतिरोध के बाद आखिरकार शांति बहाली के ठोस संकेत मिलने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव को रोकने पर आपसी सहमति बन गई है, जिसके तहत आगामी शुक्रवार को स्विटजरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधि एक औपचारिक शांति समझौते पर दस्तखत करेंगे। इस बड़े कूटनीतिक बदलाव का सीधा असर सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दिया, जहां आज सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार बढ़त दर्ज की गई। मौजूदा व्यापारिक सत्र में 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.53 लाख रुपये के स्तर को पार कर गया है, जबकि चांदी की चमक भी बढ़ी है और इसकी कीमत में प्रति किलोग्राम 4,900 रुपये से अधिक का उछाल आया है।
शांति समझौते की आहट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और सोने में आई तेजी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की खबरों के बीच आज सुबह के कारोबार में सोने की कीमतों में 2 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग अचानक तेज हुई है। इससे पहले बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भी सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी का रुख रहा था, जब राष्ट्रीय राजधानी में सोना 3,000 रुपये मजबूत होकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। वहीं चांदी भी 10,000 रुपये प्रति किलो की छलांग लगाते हुए 2.55 लाख रुपये के स्तर पर बंद हुई थी। स्थानीय स्तर पर शुद्धता वाले सोने और सफेद धातु में आई इस हालिया तेजी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
सैन्य हमलों के टलने और डॉलर में कमजोरी से सर्राफा बाजार को मिला सहारा
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को वापस लेने की घोषणा के बाद से ही निवेशकों में सकारात्मक संदेश गया है। बातचीत की मेज पर दोनों देशों के आगे बढ़ने से सर्राफा बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया। वैश्विक बाजार में इस समझौते के स्वागत के तौर पर अमेरिकी डॉलर सूचकांक (डॉलर इंडेक्स) और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट दर्ज की गई, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से सोने और अन्य जोखिम वाली वित्तीय संपत्तियों को ऊपर जाने का मौका मिला। हालांकि पिछले सत्र के अंत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी मामूली गिरावट के साथ क्रमशः 4,206.88 डॉलर और 67.02 डॉलर प्रति औंस पर आ गए थे, लेकिन घरेलू बाजार में इनकी मजबूत पकड़ अब भी बनी हुई है।
आगामी रणनीतियों और कीमती धातुओं के भविष्य पर जानकारों की राय
सर्राफा कारोबार से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल पूरी तरह से पश्चिम एशिया के राजनायिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। शुक्रवार को होने वाले अंतिम शांति समझौते और उसकी शर्तों के आधार पर ही बुलियन मार्केट की अल्पकालिक दिशा तय होगी। बाजार के पंडितों ने आम निवेशकों को सलाह दी है कि यद्यपि वर्तमान परिस्थितियां कीमती धातुओं के व्यापार के लिए बेहद अनुकूल और उत्साहजनक दिखाई दे रही हैं, फिर भी किसी बड़े निवेश से पहले उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक निर्णयों और बाजार की बारीकियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए तथा पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।

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