जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सीकर, झुंझुनूं और नागौर सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र के जवानों का देश की तीनों सेनाओं में विशेष योगदान है। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि भारत की सेना में शामिल 14 लाख से अधिक जवानों में बड़ी संख्या राजस्थान के वीर सपूतों की है। राजस्थान प्राचीन काल से ही वीरों और शूरवीरों की भूमि रही है।

शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की प्रतिमा का अनावरण

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को लक्ष्मणगढ़ के जसरासर में स्थित शहीद स्मारक पर वीर शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और स्मारक परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ के बप्पा रावल और महाराणा प्रताप जैसे महान वीरों की तरह ही शहीद गोवर्धन सिंह का बलिदान भी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।

शहीद परिवारों को मिले धार्मिक व सामाजिक मंचों पर सम्मान

राज्यपाल ने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में शहीदों के माता-पिता और उनके परिवारजनों को विशेष रूप से और पूरे सम्मान के साथ आमंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके त्याग को हमेशा याद रखे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक फैसले को याद करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में ही वीरगति प्राप्त सैनिकों के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की गई थी। इस दौरान उन्होंने मंगल पांडे, भगत सिंह, राजगुरु और खुदीराम बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को भी नमन किया।

शहीद वीरांगनाओं और माता का सम्मान

इस भावुक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की माता भगवानी देवी और उनकी पत्नी सुनीता देवी सहित क्षेत्र की अन्य शहीद वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही शहीद की माता को राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से सम्मान पत्र भी भेंट किया गया।