प्राचीन चबूतरे को लेकर विवाद तेज, प्रशासन ने शुरू की खुदाई
बूंदी। शहर के अति संवेदनशील मीरा गेट इलाके में एक प्राचीन चबूतरे के नीचे धार्मिक महत्व की संरचनाएं और गंगाजी की पथवारियां होने के दावे को लेकर उपजा विवाद सोमवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ। हिंदू संगठनों द्वारा 24 जून तक खुदाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर सफाई और खुदाई का काम शुरू करवाया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया था।
हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद हरकत में आया प्रशासन
मीरा गेट चौराहे के समीप गणेश मंदिर के पिछले हिस्से में स्थित एक पुराने चबूतरे को लेकर लंबे समय से दावा किया जा रहा था कि इसके नीचे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की पथवारियां हैं। हिंदू संगठनों ने इस मांग को लेकर प्रशासन को कई बार ज्ञापन भी सौंपे थे। संगठनों द्वारा दी गई 24 जून की समयसीमा से पहले ही स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाल लिया।
भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर हुई खुदाई
तनाव की स्थिति को देखते हुए नगर परिषद, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम धरातल पर उतरी। उपखंड अधिकारी लक्ष्मीनारायण मीणा और नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय की मौजूदगी में नगर परिषद की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से चबूतरे के आसपास के हिस्से को खुदवाया और वहां जमी गंदगी को साफ कराया।
पहले चरण की खुदाई में नहीं मिले स्पष्ट अवशेष
नगर परिषद के अधिकारी जोधराज मीणा के अनुसार, संगठनों की मांग और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। शुरुआती खुदाई और साफ-सफाई के दौरान वहां किसी मंदिर या विशेष धार्मिक ढांचे के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। एहतियात के तौर पर जगह को साफ कराकर सुरक्षित कर दिया गया है और आगामी निर्णय उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद लिया जाएगा।
छावनी में तब्दील रहा मीरा गेट, पुलिस की पैनी नजर
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। दोनों पक्षों के लोग मौके पर जमा होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें सुरक्षा घेरे से दूर ही रखा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ रास्तों पर आवाजाही को भी रोका गया।
पुराना है विवाद, आगामी फैसले पर टिकी निगाहें
यह मामला नया नहीं है; इससे पहले भी पुजारी पक्ष द्वारा यहां खुदाई की कोशिश की जा चुकी है, जिसे तब प्रशासन ने रुकवा दिया था। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात है। अब हर किसी की नजर इस बात पर है कि इस संवेदनशील जमीन को लेकर प्रशासन का अगला कदम क्या होगा।

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