यूरोप में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच बेलारूस ने मजबूत की सैन्य व्यवस्था
मिन्स्क: बेलारूस की सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने की बड़ी तैयारी कर रही है। बेलारूस के विपक्षी संगठन 'यूनाइटेड ट्रांजिशनल कैबिनेट' ने इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट यूक्रेन सरकार को सौंपी है। विपक्ष का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में बेलारूस सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो साफ तौर पर युद्ध की तैयारियों की ओर इशारा करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बेलारूस ने अपने सैन्य कानूनों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे अब जरूरत पड़ने पर विदेशी धरती पर भी अपनी सेना भेजने का रास्ता साफ हो गया है।
यूक्रेन की जीत से जुड़ी है बेलारूस की आजादी
इस रिपोर्ट को लेकर बेलारूस की प्रमुख विपक्षी नेता स्वेतलाना त्सिखानोव्सकाया का एक बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि यूक्रेन का यह संघर्ष केवल उसकी अपनी आजादी की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह खुद बेलारूस के लोकतांत्रिक भविष्य से भी गहरा संबंध रखता है। विपक्ष का मानना है कि यदि यूक्रेन इस युद्ध में सफल होता है, तो इससे बेलारूस के भीतर भी तानाशाही के खिलाफ राजनीतिक बदलाव की उम्मीदों को नई ताकत मिलेगी।
सेना का विस्तार और कैदियों की भर्ती का आरोप
विपक्ष की इस रिपोर्ट में बेलारूस की सैन्य तैयारियों को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बेलारूस ने पिछले कुछ समय में अपनी सेना का तेजी से आधुनिकीकरण और विस्तार किया है। इसके तहत न केवल नियमित सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है, बल्कि नए मिलिट्री कमांड भी गठित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों के लिए बड़ी संख्या में रिजर्व बल (सैनिकों) को तैयार किया जा रहा है। विपक्ष ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि सरकार ने सेना में भर्ती के नियमों को काफी ढीला कर दिया है और अब कैदियों को भी फौज में शामिल करने की कोशिशें की जा रही हैं।
रूसी सेना और परमाणु हथियारों की तैनाती
रिपोर्ट में एक और बड़ा दावा करते हुए कहा गया है कि बेलारूस की धरती पर रूसी सैनिकों की हलचल और मौजूदगी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ गई है। रूस ने अपने सामरिक परमाणु हथियार (टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स) और अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम भी बेलारूस में तैनात कर दिए हैं। इसके साथ ही, रूस का कुख्यात 'वैगनर ग्रुप' बेलारूस के सैनिकों को युद्ध के लिए विशेष ट्रेनिंग दे रहा है। हालांकि, ये सभी दावे पूरी तरह से बेलारूस के विपक्षी दल की रिपोर्ट पर आधारित हैं और बेलारूस सरकार की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

NEET मुद्दे पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, केंद्र पर पारदर्शिता नहीं बरतने का दावा
दिल्ली के CP में शाम 6:30 बजे तक सब कुछ बंद, अचानक आदेश के पीछे क्या है वजह?
AI के दौर में ब्रश से बगावत, जंतर-मंतर पर छात्रों की रचनात्मक मुहिम चर्चा में
फास्ट-ट्रैक कोर्ट से मिलेगा जल्द न्याय, अमित शाह ने PM मोदी के फैसले को बताया अहम
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले अय्यर का बड़ा बयान, बेखौफ क्रिकेट खेलने की सलाह
भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा फैसला, टीम में हुआ फेरबदल
ग्वालियर में खुलेगा उद्योगों का नया रास्ता, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन से बढ़ेंगे रोजगार
62% तक रिटर्न की उम्मीद, मोतीलाल ओसवाल ने इन 5 शेयरों को बताया खरीदारी लायक
नितिन नवीन बोले- NEET मामले में सरकार पूरी तरह जवाबदेह, हर सवाल का देंगे उत्तर
पुलिस के लिए बना सिरदर्द, 3 महीने बाद पकड़ा गया जेल से फरार 'बस्तर का नटवरलाल'