हार नहीं मानी! 11KV करंट हादसे के बाद मुंह से लिखकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा चिराग
बांसवाड़ा: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड-द्वितीय/कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 के दौरान परीक्षा केंद्र पर एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। कलिंजरा के रहने वाले चिराग जैन ने अपने दोनों हाथ न होने के बावजूद, हार मानने के बजाय मुंह से पेन पकड़कर पूरी परीक्षा दी। चिराग के इस बेजोड़ जज्बे और हिम्मत को देखकर परीक्षा केंद्र पर मौजूद हर अधिकारी और अभ्यर्थी की आंखें नम हो गईं।
एक हादसे ने छीने हाथ, पर हौसला रहा बरकरार
चिराग ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वे जन्म से इस स्थिति में नहीं थे। साल 2006 में एक दर्दनाक हादसे के दौरान वे 11 हजार केवी की हाई-टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए थे। करंट से उनके दोनों हाथ इस कदर झुलस गए कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए दोनों हाथों को काटना पड़ा। इस बड़े हादसे ने चिराग की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया, लेकिन उन्होंने अपनी किस्मत के आगे घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया।
मुंह को बनाया ढाल, सरकारी नौकरियों में गाड़ रहे झंडा
हाथ गंवाने के बाद चिराग ने कड़े अभ्यास और अटूट इच्छाशक्ति के दम पर मुंह से लिखना सीखा। वे पिछले तीन सालों से लगातार सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। चिराग इससे पहले RAS (राजस्थान प्रशासनिक सेवा), प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती जैसी कई प्रतिष्ठित परीक्षाएं दे चुके हैं। RAS मुख्य परीक्षा में तो वे महज 11 अंकों से चूक गए थे। हालांकि, उनका चयन तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में पहले ही हो चुका है, लेकिन खुद को और बेहतर साबित करने के लिए उन्होंने रविवार को दोनों पारियों में मुंह से लिखकर कनिष्ठ सहायक की परीक्षा भी दी।
कैलाश की हिम्मत और परीक्षा में 87% उपस्थिति
इस परीक्षा केंद्र पर केवल चिराग ही नहीं, बल्कि कुशलगढ़ के रहने वाले कैलाश दामा भी दूसरों के लिए मिसाल बने। एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद कैलाश ने आम अभ्यर्थियों की तरह कतार में खड़े होकर परीक्षा दी। इन दोनों युवाओं का संघर्ष केंद्र पर चर्चा का विषय रहा।
सांख्यिकी आंकड़ों की बात करें तो प्रशासनिक तौर पर परीक्षा का आयोजन बेहद सफल रहा। अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) पर्वत सिंह चुण्डावत ने बताया कि जिले के 19 केंद्रों पर कुल 6,576 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों का उत्साह काफी अच्छा देखा गया:
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पहली पाली: कुल 5,773 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जिससे उपस्थिति का प्रतिशत 87.78% रहा।
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दूसरी पाली: कुल 5,752 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो 87.46% रहा।
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दिलचस्प बात यह रही कि 21 अभ्यर्थी ऐसे भी थे, जिन्होंने पहली पाली की परीक्षा तो दी लेकिन दूसरी पाली में शामिल नहीं हुए।

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