अजमेर: डीडवाना-कुचामन जिले की पीह ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच व भाजपा नेता अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण जाजड़ा उर्फ फौजी की रविवार दोपहर अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। देवकरण छातड़ी गांव में बेसुध हालत में मिले थे, जिन्हें अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद सोमवार सुबह से ही अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजनों और समर्थकों ने धरना शुरू कर दिया है और वे शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे हैं। परिजनों की मांग है कि इस मामले को हत्या की धाराओं में दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

लापता होने से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

जांच और स्थानीय इनपुट्स के अनुसार, देवकरण जाजड़ा रविवार दोपहर एक सोसायटी की तरफ से दौड़ते हुए छातड़ी गांव के एक मकान में दाखिल हुए थे। वहां जमीन पर लेटकर वे पौधों की जाली और पत्थरों के पीछे खुद को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। वहां मौजूद लोगों द्वारा बनाया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। शुरुआती तौर पर वीडियो को देखकर उनके अत्यधिक मानसिक तनाव (अवसाद) या नशे की हालत में होने की आशंका जताई जा रही है। गेगल थाना पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है।

घटनास्थल पर पहुंचे बड़े अधिकारी, FSL टीम ने जुटाए सबूत

देवकरण जाजड़ा की मौत की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में खलबली मच गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) लालचन्द तायल और उप अधीक्षक शमशेर खां सहित कई थानों के प्रभारी मौके पर और अस्पताल पहुंचे। परिजनों द्वारा हत्या का अंदेशा जताए जाने के बाद पुलिस की एमओबी (MOB) और एफएसएल (FSL) टीमों ने रविवार देर शाम ही घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से वैज्ञानिक साक्ष्य (सबूत) एकत्र किए। फिलहाल अमरचंद जाजड़ा की शिकायत पर संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।

अस्पताल के बाहर जुटी भीड़, राजनीतिक गलियारों में शोक

मृतक देवकरण जाजड़ा का छातड़ी गांव में एक फार्म हाउस था, जहां उनका आना-जाना लगा रहता था। उनकी मौत की जानकारी मिलते ही अजमेर और परबतसर से बड़ी संख्या में समाज के लोग और रिश्तेदार जेएलएन अस्पताल पहुंच गए। इस घटना पर राजनीतिक जगत से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। पूर्व सांसद व भाजपा नेत्री ज्योति मिर्धा और परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने सोशल मीडिया पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की उचित जांच और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।