जयपुर। राजस्थान की राजधानी में मंगलवार की सुबह संगठित अपराध की कमर तोड़ने के लिए एक बेहद बड़ा और सुनियोजित अभियान चलाया गया। अपराधियों और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस), एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक साथ मिलकर इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। अलसुबह शुरू हुई इस धरपकड़ के तहत शहर के 20 से अधिक संवेदनशील और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए, जिससे पूरे अपराध जगत में हड़कंप मच गया।

खुफिया इनपुट के आधार पर तैयार हुआ अपराधियों का खाका

इस बड़ी कार्रवाई की नींव पुलिस और खुफिया एजेंसियों को मिले कुछ पुख्ता इनपुट्स के बाद रखी गई थी। जांच एजेंसियों को शहर में सक्रिय कुछ शातिर बदमाशों, गैंगस्टर्स और उनके मददगारों के नेटवर्क की सटीक जानकारी मिली थी। इसी गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध अपराधियों और उनके छिपने के संभावित ठिकानों की एक विस्तृत सूची तैयार की और बेहद गुप्त तरीके से इस विशेष अभियान को अमलीजामा पहनाया गया।

संदिग्धों से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस टीमें

अचानक हुई इस छापेमारी के दौरान पुलिस टीमों ने कई संदिग्ध ठिकानों की बारीकी से तलाशी ली और वहां मौजूद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की। इस कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें हैं, जिनसे गुप्त स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने अभी तक पकड़े गए आरोपियों की सटीक संख्या या उनकी पहचान को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि साक्ष्य जुटाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

गैंगस्टर्स और अवैध नेटवर्क पर शिकंजा कसने की बड़ी रणनीति

यह पूरी कार्रवाई राज्य में पैर पसार रहे संगठित अपराध, रंगदारी, अवैध हथियारों की तस्करी और गैंगवार जैसी गतिविधियों को जड़ से खत्म करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पिछले कुछ समय से प्रदेश सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अपराधियों के आर्थिक तंत्र और उनके मददगारों के खिलाफ लगातार चौतरफा हमले किए जा रहे हैं। जयपुर में हुआ यह साझा सर्च ऑपरेशन इसी कड़ी का एक प्रमुख हिस्सा माना जा रही है।

आला अधिकारियों की निगरानी में आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

इस पूरे मेगा ऑपरेशन की कमान उच्च अधिकारियों ने खुद संभाल रखी है, जिसमें एडीजी एजीटीएफ और जयपुर पुलिस कमिश्नर स्वयं पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के सीधे निर्देशन में काम कर रही संयुक्त टीमें शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार चौकसी बरत रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में भी इस तरह के सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।