राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला गरमाया, AAP उतरेगी हस्ताक्षर अभियान के साथ
नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक आस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर घमासान तेज हो गया है। मुख्य विपक्षी दल ने मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एक बड़े जन आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ना तय है।
कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की घोषणा
आम आदमी पार्टी (आप) के शीर्ष नेतृत्व ने धार्मिक न्यास और निर्माण कार्यों में हुए कथित घोटालों के विरोध में सीधे जनता के बीच जाने का फैसला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने ऐलान किया है कि इस पूरे विवाद के दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा करने और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग को लेकर पूरे देश में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इस मुहिम के जरिए आम नागरिकों और राम भक्तों को एकजुट कर व्यवस्था के खिलाफ एक मजबूत जन आवाज बुलंद करने की रणनीति बनाई गई है।
पुख्ता दस्तावेजी सबूतों के बावजूद जांच एजेंसियों की निष्क्रियता पर उठाए सवाल
एक विशेष वार्ता के दौरान पार्टी प्रमुख ने सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था के सबसे बड़े केंद्र में जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्यों से जुड़े बड़े घोटालों के दस्तावेजी सबूत सार्वजनिक होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि सारे तथ्य सामने होने के बाद भी न तो इस मामले में कोई प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है और न ही किसी रसूखदार की गिरफ्तारी हुई है, जिससे साफ होता है कि पर्दे के पीछे से दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
निर्माण कार्यों में भारी कमीशनखोरी और बड़े चेहरों को बचाने का गंभीर आरोप
विपक्षी दल ने मंदिर निर्माण के ठेकों और इसमें शामिल कंपनियों की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्यों में खुलेआम लगभग चालीस फीसदी तक की कमीशनखोरी के दावों की गूंज है, लेकिन इस पर पूरी तरह से चुप्पी साधी गई है। इतना ही नहीं, श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे और दान राशि में हुई गड़बड़ियों की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज जैसी कड़ियों के मौजूद होने के बावजूद केवल कुछ छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर जेल भेजा गया है, जबकि इस पूरे खेल के मुख्य सूत्रधारों को पूरी तरह संरक्षण मिला हुआ है।
करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को ठेस पहुंचने का जताया दुख
पार्टी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम को देश के करोड़ों नागरिकों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ बताया है। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से आम लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई और अटूट श्रद्धा के साथ इस भव्य धाम के निर्माण के लिए समर्पण राशि दी थी। आज जब इस तरह की धांधली और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं, तो उन तमाम भक्तों की पवित्र आस्था को बहुत गहरा आघात लगा है। इसी जन-आक्रोश को एक मंच देने के लिए अब राजनीतिक दल सड़क पर उतरकर इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने की तैयारी में है।

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