27 लाख के भुगतान के बदले डेढ़ लाख की रिश्वत मांगने वाला बाबू लोकायुक्त के शिकंजे में
इंदौर: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने आगर मालवा जिले के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कार्यालय में दबिश देकर वहां कार्यरत सहायक ग्रेड-तीन और प्रभारी लेखापाल मनीष कुमार पंडिया को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी कर्मचारी को लोकायुक्त की टीम ने पचास हजार रुपये की रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
सेवानिवृत्ति के पैसों के बदले मांगी थी मोटी रकम
यह पूरा मामला एक रिटायर्ड कर्मचारी के हक के पैसों को रोकने और उसे जारी करने के एवज में कमीशनखोरी से जुड़ा हुआ है। लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी लेखापाल ने विभाग से सेवानिवृत्त हुए एक अधिकारी के लगभग 27 लाख रुपये के फंड को क्लियर करने की एवज में भारी भरकम रिश्वत की डिमांड की थी। आरोपी ने पीड़ित परिवार को परेशान करते हुए कुल डेढ़ लाख रुपये की घूस मांगी थी, जिसकी पहली किस्त लेते ही वह कानून के शिकंजे में आ गया।
पीड़ित के बेटे ने लोकायुक्त से की थी लिखित शिकायत
भ्रष्टाचार के इस खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब रतलाम जिले के जावरा के रहने वाले विजय कुमार बोरसिया ने इस उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया। विजय ने 8 जुलाई को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के सामने उपस्थित होकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके पिता गोवर्धन लाल आगर के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से रिटायर्ड हुए हैं, लेकिन उनका पैसा जानबूझकर अटकाया जा रहा है।
ग्रेच्युटी और बीमा राशि के लिए बनाया जा रहा था दबाव
पीड़ित परिवार के मुताबिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी गोवर्धन लाल की ग्रेच्युटी, ग्रुप इंश्योरेंस (समूह बीमा) और लीव एनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण) जैसी जमा पूंजी का करीब 27 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। इसी राशि को पास करने के नाम पर प्रभारी लेखापाल लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था। लोकायुक्त ने शिकायत की सत्यता जांचने के बाद जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन की सजा पर अब अगली तारीख, कोर्ट में क्यों टला फैसला?
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय