माही नदी में मिला स्कूली छात्र का शव, परिजनों ने उठाए हत्या के सवाल
बांसवाड़ा। शहर के तिरुपति नगर से लापता हुए बारहवीं कक्षा के एक छात्र का शव पड़ोसी जिले प्रतापगढ़ के पीपलखूंट इलाके में बहने वाली माही नदी से बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई। गुरुवार सुबह घर से विद्यालय के लिए निकला यह छात्र रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। नदी से शव मिलने के बाद जहां पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं परिजनों ने मौत की वजहों पर गहरा संदेह व्यक्त करते हुए पुलिस से मामले की तह तक जाने की गुहार लगाई है।
स्कूल के लिए निकला छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ लापता
कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार तिरुपति नगर के निवासी तुलसी राठौड़ ने अपने पुत्र देवराज सिंह राठौड़ की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। देवराज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नूतन में कक्षा बारहवीं की पढ़ाई कर रहा था। वह रोज की तरह गुरुवार सुबह भी अपनी स्कूल ड्रेस पहनकर और बस्ता लेकर घर से निकला था, परंतु देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहां काफी खोजबीन करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो हताश होकर परिवार ने पुलिस की शरण ली।
दोस्तों के बयान के बाद माही नदी में शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत छात्र के सहपाठियों और करीबी दोस्तों से पूछताछ शुरू की, जिसमें एक बड़ा सुराग हाथ लगा। पूछताछ के दौरान दो दोस्तों ने खुलासा किया कि वे सभी स्कूल के बाद पीपलखूंट क्षेत्र में माही नदी में स्नान करने गए थे और इसी दौरान देवराज का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में समा गया। इस सूचना के आधार पर तत्काल एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने शुक्रवार सुबह से नदी के तेज बहाव में सघन खोजबीन अभियान चलाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद शाम को छात्र का शव ढूंढ निकाला।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप और की निष्पक्ष जांच की मांग
जैसे ही छात्र का शव पानी से बाहर निकाला गया, परिजनों का धैर्य टूट गया और उन्होंने इसे महज एक हादसा मानने से साफ इनकार कर दिया। मृतक के परिवार वालों ने देवराज की मौत के पीछे किसी गहरी साजिश या हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम संपन्न कराकर उसे अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर पुलिस ने शुरू की गहन तफ्तीश
उप पुलिस अधीक्षक मनीष चारण ने इस संवेदनशील मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन इस घटना के हर छोटे-बड़े पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहा है। शुरुआती तौर पर दोस्तों के बयानों को रिकॉर्ड पर लिया गया है, लेकिन पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह घटना केवल एक आकस्मिक दुर्घटना है या इसके पीछे कोई छिपी हुई रंजिश अथवा अन्य आपराधिक कारण जिम्मेदार है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यदि किसी भी व्यक्ति की संदिग्ध भूमिका या संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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