बहुविवाह करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं, असम सरकार ला रही कड़ा कानून
दिसपुर। असम सरकार ने राज्य में बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर लगाम लगाने के लिए अपनी कार्रवाई को और अधिक कठोर बना दिया है। इस कड़ी में सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने की योजना बनाई है जो बहुविवाह के दोषी पाए जाएंगे। इसके लिए असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वित्त मंत्री द्वारा बजट सत्र में की गई इस घोषणा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ एक पारदर्शी और जवाबदेह पारिवारिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सरकारी लाभ और योजनाओं पर प्रतिबंध
हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने स्पष्ट किया है कि बहुविवाह करने वाले पुरुषों को किसी भी राज्य प्रायोजित कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जो व्यक्ति किसी भी आपराधिक मामले में दोषी ठहराए गए हैं, उन्हें भी सरकारी योजनाओं की परिधि से बाहर रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इन सख्त कदमों से न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि यह समाज में कानून के प्रति सम्मान और अनुपालन की भावना को भी मजबूती प्रदान करेगा।
यूसीसी के तहत कड़े कानूनी प्रावधान
मई 2026 में असम विधानसभा द्वारा पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक इस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस नए कानून के प्रभावी होने से विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू हो गए हैं। कानून के प्रावधानों के अनुसार, बहुविवाह करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत सात साल तक की कैद और भारी जुर्माने की सजा हो सकती है। साथ ही, अब विवाह का 60 दिनों के भीतर और लिव-इन रिलेशनशिप का 30 दिनों के भीतर अनिवार्य पंजीकरण करना होगा।
बाल विवाह और धोखाधड़ी पर विशेष सख्ती
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह और छल-कपट से की गई शादियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। नए नियमों के अंतर्गत, बिना स्वतंत्र सहमति या पहचान छिपाकर की गई शादियों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें सात साल तक के कारावास का प्रावधान है। वहीं, बाल विवाह के मामलों में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह व्यापक दृष्टिकोण महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य को कुरीतियों से मुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने