रायपुर में दो माह तक इन प्रमुख सड़कों पर नहीं होंगे रैली-जुलूस, पुलिस कमिश्नर का आदेश जारी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी के सबसे व्यस्त और प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा आम जनता को जाम की झंझट से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। रायपुर के पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला द्वारा जारी किए गए ताजा आदेश के तहत, अब शहर के मुख्य व्यावसायिक और व्यस्त मार्गों पर सुबह 9:00 बजे से लेकर रात 9:00 बजे तक किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस या शोभायात्रा निकालने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह सख्त प्रशासनिक फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत लिया गया है। पुलिस विभाग के मुताबिक, यह नया नियम 14 जुलाई 2026 से पूरे शहर में प्रभावी हो चुका है और आगामी दो महीनों तक सख्ती से लागू रहेगा।
शहर के इन प्रमुख और व्यस्त रास्तों पर लागू रहेगा नो-प्रदर्शन जोन
प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, शहर के निम्नलिखित सबसे व्यस्त मार्गों को इस प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है:
-
जी.ई. रोड: शारदा चौक से शुरू होकर जयस्तंभ चौक होते हुए शास्त्री चौक तक का पूरा हिस्सा।
-
मालवीय रोड: जयस्तंभ चौक से लेकर कोतवाली चौक तक का मार्ग।
-
सदर बाजार रोड: कोतवाली चौक से सत्ती बाजार चौक तक का पूरा सराफा और व्यापारिक क्षेत्र।
-
एम.जी. रोड: गुरूनानक चौक से लेकर शारदा चौक तक का मार्ग।
आम नागरिकों को राहत देने और जाम से मुक्ति के लिए लिया गया फैसला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन चिन्हित किए गए मार्गों पर रोजाना सुबह से लेकर रात तक गाड़ियों का भारी दबाव रहता है। यह रायपुर के मुख्य व्यापारिक केंद्र हैं, जहाँ हजारों लोग रोज आते-जाते हैं। ऐसे में किसी भी संगठन द्वारा अचानक निकाली जाने वाली रैली, जुलूस या सड़क पर दिए जाने वाले धरने के कारण पूरा यातायात ठप हो जाता है। इससे न केवल नौकरीपेशा लोगों और दुकानदारों को परेशानी होती है, बल्कि एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी फंस जाती हैं। जनता की इसी बड़ी समस्या को देखते हुए यह निषेधाज्ञा लागू की गई है ताकि सड़कों पर सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
नियम तोड़ने और उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि तय समय (सुबह 9 से रात 9 बजे) के बीच इन प्रतिबंधित वीआईपी और व्यावसायिक मार्गों पर किसी भी प्रकार के सार्वजनिक एकत्रीकरण या प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी। यदि कोई भी संगठन, समूह या व्यक्ति इस सरकारी आदेश की अवहेलना करता पाया जाता है या बिना अनुमति के जुलूस निकालता है, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन की सजा पर अब अगली तारीख, कोर्ट में क्यों टला फैसला?
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय