कीचड़ और दलदल से जूझ रहे लोग, सीएम ग्रिड निर्माण के कारण इन रास्तों पर बढ़ा खतरा
आगरा। 'सीएम ग्रिड' योजना के तहत शहर में बनाई जा रही 11 किलोमीटर लंबी पांच महत्वपूर्ण सड़कों की खुदाई के बाद मिट्टी और मलबा यूं ही छोड़ दिए जाने के कारण हालात बदतर हो गए हैं। हाल ही में हुई रिमझिम बारिश के चलते हरीपर्वत से दिल्ली गेट के बीच स्थित सरकार नर्सिंग होम और पेट्रोल पंप के पास सड़कों पर भारी कीचड़ और फिसलन फैल गई है। इस लापरवाही के कारण वहां से गुजरने वाले कई मरीज और उनके तीमारदार फिसलकर सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। इस क्षेत्र में कई बड़े नर्सिंग होम, ब्लड बैंक, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेंटर के साथ-साथ पैथोलॉजी लैब, होटल और रेस्तरां मौजूद हैं, जहां रोजाना आने वाले आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएम ग्रिड की पांच सड़कों का निर्माण बना जी का जंजाल
पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफिक विभाग ने गत 15 मई से 15 जून के बीच इस सड़क की खुदाई के लिए समयावधि तय की थी, लेकिन ठेकेदार फर्म 'श्रीराम कंस्ट्रक्शन' तय समय सीमा के भीतर अपना काम पूरा नहीं कर पाई। इस फर्म की भारी लापरवाही अब हजारों मरीजों, उनके तीमारदारों के साथ-साथ क्वीन विक्टोरिया इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली हजारों छात्राओं और उनके अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। स्थानीय पार्षद शरद चौहान ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्हें हरीपर्वत से दिल्ली गेट की छोटी सी दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लग गया। सड़क पर केवल एक ही लेन चालू होने के कारण भीषण जाम लगा रहा, और उनकी आंखों के सामने ही पेट्रोल पंप के पास से गुजर रहे कई दोपहिया वाहन चालक कीचड़ के कारण फिसलकर गिर पड़े। ठेकेदार फर्म ने खुदाई के बाद वहां से मिट्टी तक नहीं हटाई, जिसके चलते डिवाइडर के पार दूसरी सड़क भी पूरी तरह मिट्टी और कीचड़ से सन गई है।
जगह-जगह कीचड़ और दलदल से राहगीर परेशान
सड़कों के निर्माण में बरती जा रही इस लापरवाही का असर शहर के अन्य हिस्सों में भी साफ देखने को मिल रहा है। बसई से इंद्रापुरम रोड पर कुछ समय पहले हुई बारिश में करीब 15 कारें और वैन कीचड़ में फंस गई थीं, तो इस बार भी टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार रोड तक कीचड़ और दलदल के कारण भयंकर फिसलन बनी रही। बसई रोड पर गिट्टियां डालने के बावजूद सड़क जगह-जगह धंस चुकी है। यही दयनीय स्थिति मारुति एस्टेट से सुभाष पार्क के बीच बनी हुई है, जहां सीवर लाइन और यूटिलिटी डक्ट बिछाने के लिए की गई बेलगाम खुदाई स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इसके अलावा, अमर होटल से राजपुर चुंगी के बीच बनाई जा रही सीएम ग्रिड की सड़क से आम नागरिकों का पैदल निकलना भी मुहाल हो चुका है।
बारिश के पानी की निकासी के लिए शहर में लगाए गए 48 पंप
मानसून की पहली बारिश और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने सोमवार को शहर भर में कुल 48 स्थानों पर पानी निकालने के लिए मोटर पंप स्थापित किए। जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में विशेष तौर पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने संबंधित विभागों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक सड़कों और निचले इलाकों से पूरी तरह पानी की निकासी नहीं हो जाती, तब तक सभी पंप लगातार चलाए जाएं ताकि नागरिकों को कुछ राहत मिल सके।

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