जंग के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, इस्राइल को देगा हथियार
वॉशिंगटन|पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने प्रमुख सहयोगी इस्राइल को 151 मिलियन डॉलर (लगभग 1300 करोड़ रुपये) के भारी बमों की आपूर्ति को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार देर रात इस हथियार सौदे की घोषणा की, जिसमें आपातकालीन स्थिति का हवाला देते हुए संसद की सामान्य समीक्षा प्रक्रिया को छोड़ दिया गया।
इस आपातकालीन पैकेज में BLU-110A/B सामान्य उपयोग वाले बम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिका इस्राइल को लॉजिस्टिक सहायता और अन्य आवश्यक सपोर्ट सेवाएं भी प्रदान करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में अमेरिका के एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार की सुरक्षा को मजबूत करना है, जो क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाता रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस्राइल इन बमों का इस्तेमाल किस विशिष्ट उद्देश्य या स्थान के लिए करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह सौदा इस्राइल की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा, उसकी घरेलू रक्षा को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ एक निवारक शक्ति के रूप में कार्य करेगा।
ईरान पर संभावित हमले की तैयारी
इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान पर आज रात अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। बेसेंट के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरानी मिसाइल लॉन्चिंग स्थल और मिसाइल निर्माण कारखानों को निशाना बनाना होगा, जिससे ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को काफी नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने ईरान पर आर्थिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। बेसेंट ने कहा कि ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक है, इस अस्थिरता का एक प्रमुख कारण है। अमेरिका और इस्राइल पहले से ही ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में संलग्न हैं और हाल के दिनों में कई बड़े हमले किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
ईरान में जमीनी सैनिकों को भेजने की तैयारी में ट्रंप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में जमीनी स्तर पर अमेरिकी सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहे हैं। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट में कई सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ अपनी बातचीत में इस विचार का उल्लेख किया है। इन चर्चाओं के दौरान, उन्होंने युद्ध के बाद ईरान के भविष्य को लेकर अपनी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला, जिसमें तेहरान और वाशिंगटन के बीच तेल क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं का जिक्र किया गया।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ट्रंप बड़े पैमाने पर जमीनी हमले की योजना पर चर्चा नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह सीमित संख्या में अमेरिकी सैनिकों को विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए भेजने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। यह भी बताया गया है कि इस मुद्दे पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और ट्रंप ने इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं किया है।

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