सीएम विष्णुदेव साय ने ओडिशा के नुआपाड़ा में किया चुनाव प्रचार, NDA की जीत पर जताया भरोसा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को ओडिशा दौरे पर थे और इस दौरान उन्होंने नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी जय ढोलकिया के समर्थन में जनता को मतदान के लिए प्रेरित किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान संपन्न हो रहा है और छत्तीसगढ़ से भी कई कार्यकर्ता वहां चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। सीएम ने कहा कि NDA का माहौल बिहार में बहुत अच्छा है और जनता का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NDA पर बना हुआ है।
नुआपाड़ा में जनसभा में किया प्रचार
नुआपाड़ा के पंचमपुर में आयोजित जनसभा में सीएम विष्णुदेव साय ने लोगों को भाजपा प्रत्याशी जय ढोलकिया के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता भाजपा के विकास, सुशासन और जनकल्याण पर पूर्ण विश्वास रखती है।
सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा:
"क्षेत्र की जनता का उत्साह, विश्वास और भाजपा के प्रति समर्थन, यह स्पष्ट संकेत दे रही है कि उन्हें भाजपा के विकास और सुशासन पर भरोसा है। नुआपाड़ा भाजपा के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।"
बीजेडी नेता के निधन से खाली हुई सीट
नुआपाड़ा सीट बीजेडी विधायक राजेंद्र ढोलकिया के निधन के बाद खाली हुई थी। अब इस सीट पर 11 नवंबर को मतदान होगा और 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। भाजपा ने इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई माना है और प्रचार में 40 स्टार प्रचारकों को शामिल किया है, जिनमें ओडिशा के सीएम मोहन मांझी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय प्रमुख हैं।
सीएम विष्णुदेव साय ने आश्वस्त किया कि भाजपा नुआपाड़ा में बहुमत के साथ जीत दर्ज करेगी और जनता अब समझ चुकी है कि भाजपा का मतलब विकास की गारंटी है।

अफगानिस्तान में आया 5.0 तीव्रता का भूकंप, कश्मीर में भी लगे झटके
ध्रुव योग का खास संयोग: इस साल मोहिनी एकादशी पर बन रहे हैं कई मंगलकारी मुहूर्त
बेड के सामने न रखें शीशा: वास्तु के अनुसार नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं ये चीजें
दुर्लभ दर्शन: यहाँ विराजते हैं मूंछों वाले प्रभु श्रीराम, 'कर्ज मुक्ति' के लिए प्रसिद्ध है यह धाम
अक्षय तृतीया पर बन रहा खास संयोग, आज करें ये शुभ कार्य और पाएं अक्षय फल
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी