इस्राइल-अमेरिका–ईरान टकराव का असर, 50 हजार लोगों पर खतरा
उदयपुर|इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की गूंज अब मेवाड़-वागड़ क्षेत्र तक सुनाई देने लगी है। खाड़ी देशों में जारी बमबारी और सैन्य गतिविधियों के चलते उदयपुर संभाग के हजारों परिवार चिंतित और दहशत में बने हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए उदयपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और खाड़ी में फंसे प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
खाड़ी में 50 हजार प्रवासी दहशत में
उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, सलूंबर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही और पाली जिलों के लगभग 50 हजार लोग खाड़ी देशों में कामकाज या कारोबार से जुड़े हैं। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी नागरिक को समस्या होने पर तुरंत उच्च स्तर पर जानकारी देकर राहत पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे।
रमजान में उमरा सफर थमा, जायरीनों की चिंता बढ़ी
युद्ध के चलते उमरा यात्राएं भी प्रभावित हुई हैं। हज कमेटी राजस्थान के पूर्व संयोजक जहीरुद्दीन सक्का ने बताया कि मेवाड़-वागड़ के करीब 50 जायरीन अलग-अलग जत्थों में मक्का और मदीना में उमरा के लिए गए हुए हैं। इन्हें 20 मार्च तक ईद से पहले भारत लौटना है। लेकिन जेद्दा-मदीना से भारत आने वाली उड़ानें कुवैत, दुबई, बहरीन और शारजाह होकर संचालित होती हैं। इन शहरों में बमबारी के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है। यदि मार्च माह तक हालात सामान्य नहीं हुए तो जायरीनों के वहीं फंसने की आशंका है।हालांकि राहत की बात यह है कि मक्का और मदीना में फिलहाल हालात शांत बताए जा रहे हैं और वहां किसी प्रकार की बमबारी की सूचना नहीं है।
कुवैत, बहरीन और दुबई में तनावपूर्ण हालात
उदयपुर निवासी मोहम्मद रिजवान, जो पिछले दो वर्षों से कुवैत में ऑयल फील्ड में कार्यरत हैं, ने बताया कि वहां लगातार बमबारी से माहौल तनावपूर्ण है। सवीना निवासी हामिद ने कुवैत और बहरीन में रुक-रुककर हो रही बमबारी की जानकारी दी। दुबई में सैलून व्यवसाय संचालित करने वाली साजिदा के अनुसार दुबई एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है और उड़ानों का संचालन बाधित है। वे अब भारत लौटना चाहती हैं, लेकिन फ्लाइट बंद होने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उमरा जत्था ताइफ पहुंचा, फंसने की आशंका
खांजीपीर, उदयपुर निवासी अमजद अली 35 जायरीनों के साथ 16 फरवरी से उमरा यात्रा पर हैं। वे मक्का से इबादत के बाद ताइफ पहुंचे हैं, जहां से पुनः मक्का और फिर मदीना जाने का कार्यक्रम है। उनका कहना है कि फिलहाल वहां माहौल शांत है, लेकिन यदि युद्ध लंबा खिंचा तो वापसी में परेशानी आ सकती है।
पर्यटन और टूर ऑपरेटर्स पर असर
उड़ानों के बाधित होने से उमरा यात्राएं फिलहाल थम गई हैं। जेद्दा और मदीना एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन प्रभावित होने के कारण नए जायरीन रवाना नहीं हो पा रहे। इससे उदयपुर के टूर ऑपरेटर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही ईमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसी एयरलाइंस से आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी कमी आने की आशंका है, जिससे पर्यटन उद्योग पर तात्कालिक प्रभाव पड़ सकता है। कुल मिलाकर, मध्य-पूर्व के युद्ध ने मेवाड़-वागड़ के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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