स्टंट के चक्कर में जेल की हवा, मगरमच्छ से छेड़छाड़ पर कार्रवाई
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर मशहूर होने (रील बनाने) के चक्कर में दो युवकों को मगरमच्छ के साथ वीडियो बनाना बेहद भारी पड़ गया। वन विभाग ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की मदद से दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मगरमच्छ की पूंछ पकड़कर पानी में फेंका, वीडियो हुआ वायरल
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत गरेठा के रहने वाले सूखनंदन केवट (21 वर्ष) और तोरण आदिवासी (20 वर्ष) ने बीते 29 और 30 मई के बीच एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। इस वायरल वीडियो में दोनों युवक एक मगरमच्छ की पूंछ पकड़कर उसे बेरहमी से घुमाते और फिर उठाकर पानी में फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। पूरे वीडियो के दौरान मगरमच्छ के शरीर में कोई हलचल या मूवमेंट नजर नहीं आ रही है, और उसके पेट के पास खून जैसा एक गहरा निशान भी दिखाई दे रहा है।
वन विभाग हुआ मुस्तैद, मगरमच्छ की खोज जारी
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई और 2 जून को दोनों आरोपी युवकों को दबोच लिया गया। वन विभाग को अंदेशा है कि युवकों ने मगरमच्छ को गंभीर नुकसान पहुंचाया है या फिर उसकी मौत हो चुकी है। हालांकि, अभी तक मगरमच्छ के मरने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और वन विभाग की टीमें लगातार उस इलाके में मगरमच्छ की तलाश कर रही हैं।
करंट लगाकर मछली पकड़ने के दौरान मौत की आशंका
पिछोर थाना क्षेत्र का यह पूरा इलाका माताटीला डैम के बैकवॉटर (भराव क्षेत्र) से जुड़ा हुआ है, जहां आसपास के गांवों के लोग अक्सर मछलियां पकड़ने जाते हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस इलाके में मछली पकड़ने के लिए कुछ लोग पानी में अवैध रूप से करंट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि शायद करंट लगने की वजह से ही मगरमच्छ की मौत हुई होगी या वह बेहोश हुआ होगा, जिसका युवकों ने वीडियो बना लिया। हालांकि, असली सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
मामला दर्ज, कोर्ट से मिली जमानत पर जांच अभी जारी
इस मामले पर पिछोर के वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) ऋषभ बिसारिया ने बताया कि वीडियो में मगरमच्छ पूरी तरह बेजान दिख रहा था और उसमें कोई हरकत नहीं थी। इसी गंभीर शक के आधार पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर युवकों पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल, दोनों आरोपी युवकों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन वन विभाग की जांच अभी बंद नहीं हुई है। पूछताछ में युवकों का दावा है कि उन्हें वह मगरमच्छ पहले से ही घायल हालत में मिला था। वन विभाग अब इस बात का पुख्ता पता लगाने में जुटा है कि घटना के वक्त मगरमच्छ जिंदा था या नहीं और उसके साथ क्रूरता की असल वजह क्या थी।

लाठीचार्ज विवाद गरमाया, अभिजीत दीपके बोले- किसी अनहोनी की जिम्मेदारी सरकार की होगी
टीम चयन को लेकर गंभीर घिरे, दिग्गज ने कहा- संजू और वैभव के बाद अब यह खिलाड़ी भी शिकार
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने के बाद महाकाल के दर्शन करने पहुंचे कार्तिक आर्यन, फोटो हुई वायरल
अब पढ़ाई का सफर होगा आसान, 50 हजार छात्राओं को स्कूटी योजना का मिलेगा फायदा
सपा-रालोद फॉर्मूले की भाजपा में एंट्री? सीटों के बंटवारे पर चल रही चर्चा
संसद में नहीं थम रहा नीट का मुद्दा, विपक्ष के हंगामे से सदन बाधित
PM मोदी बोले- पेपर लीक रोकना देश की जिम्मेदारी, छात्रों के भविष्य से नहीं होगा खिलवाड़
Gold Price में बड़ी गिरावट के संकेत, दिग्गज बैंक की भविष्यवाणी से मचा हड़कंप
दिल्ली के घर में लगी भयानक आग, एक परिवार की तीन जिंदगियां खत्म