होमस्टे इकाइयों के संचालन में बड़ा बदलाव
जयपुर । प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पर्यटन विभाग ने अधिसूचित राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना, 2026 के अंतर्गत होमस्टे इकाइयों के संचालन से संबंधित प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों से राज्य में आवास सुविधाओं का विस्तार होने के साथ पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय उदयपुर की संयुक्त निदेशक ने बताया कि पूर्व में लागू प्रावधानों के तहत शुद्ध आवासीय इकाई में संचालित होमस्टे या पेइंग गेस्ट हाउस में अधिकतम 5 कमरों की अनुमति थी। संशोधित व्यवस्था के तहत अब यह सीमा बढ़ाकर अधिकतम 8 कमरे कर दी गई है। इसी प्रकार पूर्व में निर्धारित बिस्तरों की संख्या में भी वृद्धि करते हुए अब प्रति इकाई अधिकतम 24 बिस्तरों तक की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे आवास क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार संभव होगा।पूर्व व्यवस्था के अनुसार यह अनिवार्य था कि होमस्टे या पेइंग गेस्ट हाउस इकाई का संचालन संपत्ति स्वामी या उसके परिवार के सदस्य द्वारा उसी आवास में निवास करते हुए किया जाए। संशोधित प्रावधानों में इस शर्त को लचीला बनाया गया है। अब यदि संपत्ति स्वामी स्वयं उस आवास में निवास नहीं करता है, तो वह संचालन के लिए एक केयरटेकर नियुक्त कर सकेगा। नियुक्त केयरटेकर योजना में निर्धारित नियमों व मानकों के अनुरूप इकाई के संचालन के लिए उत्तरदायी होगा। पर्यटन विभाग के अनुसार इन संशोधनों से योजना अधिक व्यवहारिक, लचीली और संचालन की दृष्टि से सरल बनेगी। इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधाओं का विस्तार होगा तथा पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा। अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।

बंगाल पर अमित शाह का बड़ा दावा—तुष्टिकरण की राजनीति से रुका विकास, कर्ज 8 लाख करोड़ पार
विधानसभा सत्र से पहले आयोगों की रिपोर्ट पर चर्चा तेज
त्योहार पर यात्रियों के लिए राहत की खबर, AI करेगा सीट मॉनिटरिंग
‘कृषि कैबिनेट से आदिवासी किसानों का विकास नहीं’, उमंग सिंघार का हमला
आज जलेगी होलिका या कल होगा दहन? देखें तिथि, भद्रा का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त
चुनावी साल से पहले दलित-आदिवासी समाज को साधने की कवायद
टक्कर के बाद उछलकर दूर जा गिरा युवक, मौके पर मची अफरा-तफरी