राजस्थान में मानसून का जोर, 5 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी
जयपुर। राजस्थान में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं, वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में लोग अब भी अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताते हुए सुरक्षात्मक चेतावनी जारी की है।
पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार आफत और ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मानसून पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जयपुर मौसम केंद्र ने विशेष चेतावनी जारी की है। बारां, भरतपुर, डीग, धौलपुर और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालोर को छोड़कर राज्य के बाकी अधिकांश हिस्सों के लिए येलो अलर्ट प्रभावी किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बरसे बदरा
पिछले एक दिन के दौरान राज्य के कई जिलों में झमाझम बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। भरतपुर के बयाना और करौली के मंडरायल में सबसे ज्यादा तीन इंच से अधिक पानी बरसा है, जबकि चित्तौड़गढ़ के भदेसर और निम्बाहेड़ा में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा अलवर, दौसा, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में हुई तेज बारिश के कारण भरतपुर, अलवर और करौली की सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे आवागमन में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पारे में भारी गिरावट से आमजन को मिली राहत
लगातार हो रहे जलप्रपात के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। जयपुर, अलवर, टोंक, अजमेर और भीलवाड़ा समेत एक दर्जन से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। राजधानी जयपुर में दिनभर छाए बादलों और छिटपुट बारिश के कारण अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पश्चिमी छोर पर स्थित जैसलमेर 41.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है।
आगामी 11 जुलाई से कमजोर पड़ेगा मानसूनी सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून का यह तीखा असर अगले 24 से 48 घंटों तक यानी 10 जुलाई तक पूरी तरह बना रहेगा और कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद 11 जुलाई से मौसमी चक्र में बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे मानसूनी सिस्टम थोड़ा धीमा पड़ सकता है। हालांकि, इस बदलाव के बाद भी राज्य के कुछ गिने-चुने हिस्सों में स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी गतिविधियां और बूंदाबांदी का सिलसिला रुक-रुक कर चलता रहेगा।

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