पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने रचा इतिहास
भोपाल : मध्यप्रदेश के गौरव, पद्मसम्मानित अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया ने विश्व की सबसे कठिन समुद्री तैराकियों में से एक न्यूज़ीलैंड के कुक स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर इतिहास रच दिया। वे इस चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने वाले एशिया के पहले दिव्यांग तैराक बन गए हैं।
तैराक लोहिया 18 जनवरी 2026 से न्यूज़ीलैंड में इस अभियान की तैयारी कर रहे थे और लगातार ठंडे पानी में कठिन अभ्यास व अक्लिमेटाइजेशन कर रहे थे। 28 जनवरी को उनका पहला प्रयास खराब मौसम के कारण रोकना पड़ा था। उन्होंने हार नहीं मानी और पुनः तैयारी कर निर्धारित दिनांक 12 फरवरी को अदम्य साहस और आत्मविश्वास के साथ चुनौती स्वीकार की। तैराकी के दौरान उन्हें अत्यंत ठंडे पानी, तेज़ समुद्री धाराओं और प्रतिकूल मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, फिर भी उन्होंने दृढ़ संकल्प के बल पर लक्ष्य हासिल किया। 70 प्रतिशत दिव्यांग और व्हीलचेयर बाउंड होने के बावजूद उनकी यह उपलब्धि अदम्य इच्छाशक्ति और संघर्ष की मिसाल बन गई है।
तैराक लोहिया ने अपनी सफलता का श्रेय न्यूज़ीलैंड के अपने तैराक साथियों, पायलट फिलिप्स तथा सहयोगी मुजीब खान को दिया, जिन्होंने पूरे प्रशिक्षण और प्रयास के दौरान उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश और पूरे भारत की विजय है। यह विजय संदेश देती है कि संकल्प, साहस और निरंतर प्रयास से कोई भी असंभव लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

गुरुग्राम में RWA पदाधिकारियों पर शिकंजा, कार्यालय में बवाल के बाद FIR
इराक से वेस्ट बैंक तक हिंसा, धमाकों और गोलीबारी से फिर भड़का तनाव
बैठक खत्म, सहमति नहीं; कल फिर आमने-सामने होंगे सरकार और CJP
अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, 21 कर्मचारियों की नौकरी जाने पर बढ़ा विवाद
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, विवाहित बेटियों को भी मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार
समुद्र में शक्ति प्रदर्शन! चीन-फिलीपींस विवाद ने फिर बढ़ाया क्षेत्रीय तनाव
तृतीय सोपान एवं निपुण टेस्टिंग कैंप का आगाज, स्काउट्स-गाइड्स करेंगे हुनर का प्रदर्शन
प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सख्ती, इंटरनेट पर पाबंदी और मेट्रो सेवाएं प्रभावित
वकीलों की CJI से गुहार, पीएम आवास के पास प्रदर्शन पर जताई चिंता
फैन की दीवानगी देख हैरान हुईं काजल अग्रवाल, सालों बाद सुनाया दिलचस्प किस्सा