संवेदनशील केस में सबूतों और जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल
वाराणसी।फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत में बुधवार को बीएचयू आईआईटी की छात्रा संग हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट में इस मामले के विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव उपस्थित हुए। इस मामले में गवाह विवेचक से आरोपी कुणाल पांडेय व सक्षम पटेल के अधिवक्ता अजय सिंह की तरफ से जिरह की गई। जिरह जारी रखते हुए 17 अप्रैल की तिथि नियत की गई है। अभियोजन की तरफ से एडीजीसी मनोज गुप्ता मौजूद रहे।
प्रकरण के अनुसार बीएचयू परिसर में दो नवंबर 2023 की रात आईआईटी छात्रा के साथ बाइक सवार तीन आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने तीनों के खिलाफ लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान तीनों आरोपियों कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल का नाम प्रकाश में आने पर उन्हें आरोपी बनाया गया।
इस मामले में विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव का बयान पहले ही हो चुका था, जिरह होना शेष था। मगर आरोपियों ने पहले पीड़िता की जिरह करने की गुहार लगाई थी। पीड़िता और उसके साथी के बचाव पक्ष से जिरह पिछली तिथियों पर पूरी होने के बाद अन्य गवाहों में पहले विवेचक को तलब किया गया।
राहुल गांधी के मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को
कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अमेरिकी यात्रा के दौरान सिखों से संबंधित विवादित बयान मामले में अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ के यहां से मूल पत्रावली तलब हो गई है। अगली सुनवाई की तिथि 22 अप्रैल निर्धारित की गई है। सारनाथ क्षेत्र के तिलमापुर निवासी नागेश्वर मिश्र ने प्रकीर्ण वाद प्रस्तुत किया था, जिसे अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ एमपी-एमएलए कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट के यहां निगरानी याचिका दायर की, जिसमें अपर सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था। राहुल गांधी अब तक हाजिर नहीं हुए हैं। न्यायालय ने राहुल गांधी को पर्याप्त तामील मानते हुए अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ के यहां से मूल पत्रावली तलब की है। नागेश्वर मिश्र के अधिवक्ता ने बहस की। आज तक राहुल गांधी की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ है।

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